कल्पना कीजिए, एक 14 साल की बच्ची, जो एक राजघराने से ताल्लुक रखती है. जिसके पास ऐशो-आराम की कोई कमी नहीं है. लेकिन वो गुड़ियों से खेलने के बजाय, जंगलों में खूंखार और जंगली हाथियों से दोस्ती करने निकल पड़ती है. ये कोई फिल्मी कहानी नहीं है. ये कहानी है पद्मश्री से सम्मानित, भारत की पहली महिला महावत- पार्वती बरुआ की. एक छोटा सा तंबू और दांत साफ करने के लिए चूल्हे की राख. आखिर राजघराने की इस बेटी ने जंगलों की खाक क्यों छानी?
पिता के साथ पकड़ा पहला हाथी
यह कहानी है असम के गौरीपुर राजघराने की बेटी, पार्वती बरुआ की. साल था 1953, जब उनका जन्म हुआ. जब महल के बाकी बच्चे रेशमी खिलौनों से खेलते थे, तब यह बच्ची अपने पिता के साथ जंगलों में हाथियों के बीच बेखौफ घूमती थी.

महज 14 साल की कच्ची उम्र, जब बच्चे ठीक से दुनिया भी नहीं समझते, पार्वती ने अपने पिता के साथ पहला जंगली हाथी पकड़ लिया था. उसी दिन, उस जंगल की मिट्टी ने जैसे उनके माथे पर लिख दिया था कि अब यही उनकी असली मंजिल है.
भारत की पहली महिला महावत, पुरुषों को दी चुनौती
1972 का वो दौर याद कीजिए. तब महावत का काम सिर्फ और सिर्फ मर्दों का रुतबा माना जाता था. लेकिन पार्वती जी ने इस सोच की बेड़ियां तोड़ दीं और वो भारत की पहली महिला महावत बनीं. पर उनका असली जादू तो अभी दुनिया को देखना बाकी था.
उन्होंने 'मेला शिकार' की पुरानी कला को अपनाया. यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें बिना किसी बंदूक, बिना खून-खराबे के, सिर्फ इशारों और समझ से जंगली हाथियों को काबू किया जाता है. जरा सोचिए, एक महिला और 500 से ज्यादा खूंखार जंगली हाथी, लेकिन उन्होंने सबको अपने कौशल से सुरक्षित रास्ता दिखाया.

असम सरकार के फूल गए हाथ-पांव
उनका रुतबा क्या था, इसका अंदाजा आप इस बात से लगाइए. पश्चिम बंगाल में एक बार 50 हाथियों का एक विशाल झुंड रास्ता भटक गया था. हाहाकार मच गया, पूरी सरकार और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. तब संकट की उस घड़ी में पूरी मशीनरी को सिर्फ एक ही नाम याद आया- पार्वती बरुआ.

आज दुनिया उन्हें यूं ही सलाम नहीं करती. बीबीसी ने उनकी जिंदगी पर डॉक्यूमेंट्री बनाई और पूरी दुनिया को इस 'भारतीय शेरनी' से रूबरू कराया. इसी बेमिसाल तपस्या के लिए साल 2024 में भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मश्री' के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा.

एक राजकुमारी, जिसने मखमली गद्दे नहीं, बल्कि जंगल की उबड़-खाबड़ जमीन चुनी. आज पूरा देश उन्हें पूरे फख्र के साथ Elephant Queen of India बुलाता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं