चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में एक 26 वर्षीय स्कॉलर की बिजली का झटका लगने की वजह से मौत हो गई. इस मामले में छात्र चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी की जवाबदेही तय हो और सुरक्षा के मानक और ज्यादा मजबूत किए जाएं. बता दें कि कुछ दिन पहले माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट की स्कॉलर ज्योति की बिजली का करेंट लगने की वजह से मौत हो गई थी.
उस मौत के बाद से ही कॉलेज प्रशासन के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, बड़ी संख्या में छात्र वाइस चांसलर के ऑफिस के बाहर भी नारेबाजी कर रहे हैं. छात्र चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
पुलिस ने दर्ज की FIR
पुलिस ने इस मामले में एक FIR दर्ज कर ली है. जांच की जा रही है कि क्या किसी की लापरवाही की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ है. इस मामले में पंजाब यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर रेणु विग का भी बयान सामने आया है. उन्होंने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है.
वाइस चांसलर ने क्या कहा?
रेणु विग ने कहा है कि यूनिवर्सिटी को इस हादसे की वजह से एक बड़ी क्षति पहुंची है. मैं पीड़ित परिवार, उनके दोस्तों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती हूं. हम परिवार को हर जरूरी सहायता देने को तैयार हैं.वाइस चांसलर आगे कहती हैं कि हम परिवार को एक आर्थिक सहायता भी देंगे. पंजाब यूनिवर्सिटी उनके परिवार के एक योग्य सदस्य को रोजगार भी देगी. अभी के लिए यूनिवर्सिटी ने पीड़ित परिवार को 21 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.
ये भी पढ़ें- खेलते-खेलते 12वीं मंजिल से नीचे गिरकर 12 साल के बच्चे की मौत
इस मामले में चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि ज्योति का इस प्रकार से निधन दुर्भाग्यपूर्ण है. चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब यूनिवर्सिटी को इस मामले में जवाबदेही तय करनी होगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं