पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लगी बगावत की आग अब पूरी तरह भड़क चुकी है. दशकों से 'आजाद कश्मीर' का राग अलापने वाले पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगैंडा की हवा खुद वहां के स्थानीय नेताओं ने निकाल दी है.
पुंछ संभाग के रावलकोट में आयोजित एक विशाल रैली में आंदोलन के प्रमुख चेहरे सरदार अमान खान ने हजारों की भीड़ के सामने सीधे तौर पर ऐलान कर दिया कि पीओके तो आजाद है और न ही कोई विवादित क्षेत्र, बल्कि यह पाकिस्तान के अवैध कब्जे में छटपटा रहा एक गुलाम इलाका है.
-
'कॉकटेल 2' को मिले रिव्यू पर कृति सेनन ने NDTV वर्ल्ड समिट में कहा- फिल्म देखना एक पर्सनल एक्सपीरियंस है -
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
रावलकोट के ऐतिहासिक ईदगाह मैदान में उमड़े जनसैलाब के सामने दिया गया यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसने इस्लामाबाद में खलबली मचा दी है.
'यह विवादित नहीं, बल्कि कब्जाया हुआ इलाका है'
रैली को संबोधित करते हुए आंदोलनकारी नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान के उस सरकारी नैरेटिव को सीधे चुनौती दी, जिसे वह दशकों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेचता आया है.
अमान खान ने कहा, "यह कोई विवादित इलाका नहीं है. यह सीधे तौर पर कब्जाया हुआ क्षेत्र है. हम पर जबरन हुकूमत की जा रही है और हमें हमारे अधिकारों से वंचित रखा गया है."
रैली में उमड़ी भीड़ ने साफ कर दिया कि अब वे इस्लामाबाद के दमनकारी रवैये को और बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं.
40 दिनों से सुलग रहा है रावलकोट, दाने-दाने को तरसे लोग
पीओके के रावलकोट में पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पिछले 40 से अधिक दिनों से लगातार जारी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी हुकूमत और वहां के सुरक्षाबल जानबूझकर इस क्षेत्र की हालत बदतर कर रहे हैं.
सरदार अमान खान ने कि पाकिस्तान सरकार जानबूझकर यहां भुखमरी और मानवीय संकट पैदा कर रही है. इस बदतर हालात को देखते हुए खान ने एलओसी के पार रहने वाले कश्मीरी भाइयों और भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
उन्होंने भीड़ से पूछा, "क्या हमें अब नियंत्रण रेखा की तरफ मार्च करना चाहिए?" इस पर वहां मौजूद हजारों लोगों ने एक सुर में नारा लगाया, "चलो एलओसी की तरफ."
विरोध प्रदर्शनों में बही खून की नदियां, सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 6 की मौत
पीओके में जारी यह शांतिपूर्ण आंदोलन अब हिंसक रूप अख्तियार कर चुका है. पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं. हाल ही में बलूच सुधनती जिले और रावलकोट में हुई हिंसक झड़पों के दौरान सुरक्षाबलों ने निहत्थे नागरिकों पर सीधी गोलियां चलाईं. इस हमले में छह लोगों की मौत हो गई.
मारे गए लोगों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात शामिल हैं. वाजिद हयात को रावलकोट के मटियाल मीरा बस टर्मिनल पर गोली मारी गई. इन मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उनका साफ कहना है कि पाकिस्तान को इस क्षेत्र की ज्यादा जरूरत है.
भारत ने पाकिस्तान को घेरा
पीओके में मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन और भड़की हिंसा पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी सख्त रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर पाकिस्तान की दमनात्मक नीतियों की कड़ी आलोचना की.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "पीओके में जारी विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक उत्पीड़न का सीधा नतीजा है. यह इलाका पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे में है."
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान द्वारा निहत्थे नागरिकों, महिलाओं और बच्चों पर की जा रही बर्बरता, इंटरनेट ब्लैकआउट और आवश्यक सामग्री की किल्लत पैदा करने वाले इस कृत्य के लिए उसे कटघरे में खड़ा करे. भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपाने के लिए बल प्रयोग कर रहा है, जो बेहद निंदनीय है.
यह भी पढ़ें: हाफिज सईद के हर गुनाह का होगा हिसाब! भारत नहीं आया, तब भी अदालत में कैसे चलेगा मुकदमा? Explained
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं