नई दिल्ली. कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. 22 अप्रैल को हुए इस नरसंहार में 26 लोगों की जान चली गई, लेकिन अब इस हमले से जुड़ा एक अहम गवाह सामने आया है. एक ऐसा शख्स, जो आमतौर पर बैसरन घाटी में पर्यटकों के लिए खूबसूरत रील्स बनाया करता था. किसी को अंदाजा नहीं था कि एक दिन वही अपने कैमरे में इतिहास की सबसे डरावनी तस्वीरें कैद करेगा. जब ये सबकुछ हो रहा था..वो फोटोग्राफर किसी पेड़ पर बैठा वो सब रिकॉर्ड कर रहा था जो कोई और देख भी नहीं पा रहा था.
जान बचाने पेड़ पर चढ़ा था फोटोग्राफर
जांच में पता चला कि हमले के दौरान फोटोग्राफर अपनी जान बचाने के लिए एक पेड़ पर चढ़ गया था और उसने इस हत्याकांड को रिकॉर्ड कर लिया था और अब वह NIA का अहम गवाह बना है. सुरक्षा कारणों के चलते हम उस फोटोग्राफर की पहचान नहीं बता रहे.
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच अपने हाथ में ले ली है. आतंकियों की प्लानिंग से लेकर उनके कदमों के निशान तक, हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद, NIA ने जांच की औपचारिक शुरुआत कर दी है. 23 अप्रैल से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रहे हैं. बैसरन में अब जांच एजेंसियों की हलचल है और टूरिस्ट स्पॉट अब जांच का केंद्र बन चुका है.
पैदल चलकर बैसरन घाटी आए थे आतंकी
अब तक की जांच में बड़ा खुलासा ये हुआ है कि आतंकी कोकरनाग के घने जंगलों से निकलकर बैसरन घाटी तक करीब 20 से 22 घंटे तक कठिन और पहाड़ी रास्तों से पैदल आए. उसी घाटी में उन्होंने खौफनाक हमला अंजाम दिया. सूत्रों के अनुसार, आतंकी पास की दुकानों के पीछे से अचानक निकले. उन्होंने वहां मौजूद लोगों को 'कलमा' पढ़ने के लिए कहा और फिर चार लोगों को बेहद करीब से गोली मार दी. ये हमला इतना तेज और अचानक था कि लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे.
आतंकियों ने लूटे थे दो मोबाइल फोन
उसी दौरान, जिपलाइन क्षेत्र की दिशा से दो अन्य आतंकियों ने भी गोलियां बरसाईं, जिससे चारों ओर चीख-पुकार मच गई. आतंकी फायरिंग के दौरान दो मोबाइल फोन भी लूट कर ले गए.. एक पर्यटक का और दूसरा स्थानीय निवासी का. जांच में यह भी सामने आया है कि इस हमले में कुल चार आतंकी शामिल थे - तीन पाकिस्तानी और एक स्थानीय, जिसकी पहचान आदिल ठोकर के रूप में हुई है. NIA अब इस पूरी साज़िश की गहराई से जांच कर रही है.
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