विज्ञापन

PACL घोटाला: पैसे लिए लेकिन जमीन नहीं दी, अब ED ने अटैच कीं 5046 करोड़ रुपये की संपत्तियां

2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक कमेटी बनाने का आदेश दिया था, जिसकी अगुवाई पूर्व CJI R. M. Lodha कर रहे थे. इस कमेटी को PACL की जमीन बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाने की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन इसके बावजूद जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी की संपत्तियों को गैरकानूनी तरीके से बेचा और कब्जा किया जा रहा था.

PACL घोटाला: पैसे लिए लेकिन जमीन नहीं दी, अब ED ने अटैच कीं 5046 करोड़ रुपये की संपत्तियां
मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी का बड़ा एक्शन.
  • ईडी ने PACL घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत 5046.91 करोड़ की 126 संपत्तियां करीब अटैच की हैं
  • PACL Ltd. पर देशभर के लाखों लोगों से करीब 48,000 करोड़ की ठगी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं
  • CBI ने 2014 में FIR दर्ज कर 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिनमें कई कंपनियां और व्यक्ति शामिल हैं
नई दिल्ली:

ED ने PACL घोटाले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 5046.91 करोड़ की 126 संपत्तियां अटैच कर ली हैं. दिल्ली और पंजाब की इन संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जब्त किया गया है. मामला PMLA से जुड़ा है, जिसके तहत ED लगातार जांच कर रही है. दरअसल, PACL Ltd. और उससे जुड़ी कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने देशभर के लाखों लोगों से करीब 48,000 करोड़ की ठगी की. लोगों को कृषि भूमि बेचने और डेवलप करने का सपना दिखाकर पैसे लिए गए, लेकिन ज्यादातर मामलों में जमीन कभी दी ही नहीं गई.

33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

इस पूरे मामले की शुरुआत CBI की FIR से हुई थी, जो 2014 में दर्ज की गई थी. ये FIR सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुई थी. बाद में CBI ने 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की, जिसमें कई कंपनियां और व्यक्ति शामिल हैं. जांच में सामने आया कि लोगों को अलग-अलग स्कीम्स के जरिए निवेश करने के लिए फंसाया गया. उनसे एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे कागजों पर साइन कराए गए, लेकिन असल में ये सब धोखाधड़ी का हिस्सा था. पैसे को छिपाने के लिए कई फर्जी कंपनियों और उल्टे-सीधे ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल किया गया.

ये भी पढ़ें- दिल्ली अग्निकांड: मां को बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ी हिमांशी, दोनों जिंदा जल गए, ये कहानी रुला देगी

2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक कमेटी बनाने का आदेश दिया था, जिसकी अगुवाई पूर्व CJI R. M. Lodha कर रहे थे. इस कमेटी को PACL की जमीन बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाने की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन इसके बावजूद जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी की संपत्तियों को गैरकानूनी तरीके से बेचा और कब्जा किया जा रहा था.

कई राज्यों में छापेमारी और केस दर्ज

इस बीच, अलग-अलग राज्यों में और भी केस दर्ज हुए जैसे पंजाब, जयपुर और बेंगलुरु में. जहां छापेमारी के दौरान खाली स्टांप पेपर, साइन किए हुए चेकबुक और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए, जो इस घोटाले की गहराई को दिखाते हैं. ED ने 2016 में ECIR दर्ज किया था और 2018 में पहली चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद 2022, 2025 और 2026 में कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी फाइल की गईं. अब तक इस मामले में कुल मिलाकर 22,656.91 करोड़ की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं, जिनमें भारत और विदेशों की प्रॉपर्टी शामिल हैं. फिलहाल जांच जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि लाखों निवेशकों को उनका पैसा कब वापस मिलेगा.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
PACL Scam, Money Laundering Case, ED Attach Property, Land Scam, Supreme Court
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com