दिल्ली सरकार के 30 हजार 995 सरकारी वाहनों में करीब 13 हजार सरकारी वाहनों के पास वैध PUCC यानि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं है. इस बात का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानि NGT ने निर्देश दिया है कि सरकारी वाहनों में PUCC को सख्ती से लागू किया जाए. यही नहीं करीब 4 हजार सरकारी वाहनों का PUCC डेटा तक उपलब्ध नहीं था जबकि PUCC नहीं होने के चलते 1360 गाड़ियों को पेट्रोल पंप पर लगे ANPR कैमरों के जरिए चालान भी काटा गया.
लेकिन उसके बावजूद सरकारी कार्यालयों की गाड़ियों में PUCC को सख्ती से लागू करने पर प्राधिकरण ख़ासा सख्त रुख़ अख़्तियार किया है. हालांकि दिल्ली सरकार की ओर से Tribunal को बताया गया कि PUCC से संबंधित नियमों के अनुपालन में सरकारी और निजी वाहनों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाता। PUCC उल्लंघन के लिए चालान जारी करने वाली प्रणाली भी सरकारी वाहनों को निजी वाहनों से अलग नहीं करती।
GRAP में होगी इस बार पूरे दिल्ली NCR में सख्ती
Tribunal ने सितंबर 2024 में संशोधित NCR के Graded Response Action Plan (GRAP) दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि वाहनों के PUC मानकों की कड़ी निगरानी और प्रवर्तन आवश्यक है। दिल्ली सरकार ने सर्कुलर जारी करके सभी दफ़्तरों को निर्देश दिया है कि सरकारी स्वामित्व वाले और hired/outsourced सभी वाहनों के पास हर समय वैध PUCC होना चाहिए. NGT ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा बताए गए इनफोर्समेंट मेकेनिज्म को जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाना चाहिए.
इस साल एक अक्टूबर से No PUCC No FUEL का सख्ती से पालन ना सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे NCR यानि ग़ाज़ियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी लागू हो रहा है. इसके तहत वैध PUCC न होने पर पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा साथ ही पेट्रोल पंप पर लगे ANPR कैमरों के जरिए ईचालान और वाहन ज़ब्त करने का अभियान भी शुरु होगा
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