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रामलीला मैदान में 'संसद' : विपक्ष के इस आयोजन में सभापति होंगे, हंगामा होगा, महाभियोग होगा

अब सवाल उठता है कि मॉक संसद क्या होती है और इसमें क्या होता है? यहां यह समझना जरूरी है कि मॉक संसद और युवा संसद दो अलग-अलग अवधारणाएं हैं. युवा संसद का आयोजन छात्रों को संसदीय कार्यवाही की जानकारी देने के लिए किया जाता है, जबकि मॉक संसद एक प्रकार का संसदीय मंचन या अभिनय होती है.

रामलीला मैदान में 'संसद' : विपक्ष के इस आयोजन में सभापति होंगे, हंगामा होगा, महाभियोग होगा
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली
ANI
  • छुट्टियों के बाद दिल्ली में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन की राजनीतिक गतिविधियां फिर से सक्रिय हो गई हैं.
  • कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारियों में जुटी हुई है.
  • 28 अक्टूबर को रामलीला मैदान में मॉक संसद का आयोजन किया जाएगा.
नई दिल्ली:

दशहरा की छुट्टियों के बाद दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां फिर तेज होने लगी हैं. हालांकि, छुट्टियों के दौरान राजधानी में धरना-प्रदर्शनों का माहौल अपेक्षाकृत शांत रहा. कांग्रेस और अन्य दलों से जुड़े छात्र संगठनों ने जरूर प्रदर्शन किए. लेकिन उन्हें प्रतीकात्मक विरोध ही माना गया. अब कांग्रेस ने छुट्टियों के बाद अपनी राजनीतिक गतिविधियों को गति देने का फैसला किया है. कांग्रेस इस समय 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली बड़ी रैली की तैयारियों में जुटी हुई है. पार्टी का दावा है कि इस रैली में INDIA गठबंधन के सभी प्रमुख नेता शामिल हो सकते हैं. रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के नेताओं के साथ बैठकें की हैं तथा संबंधित राज्यों के प्रभारी और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं.

रामलीला मैदान में "मॉक संसद" का आयोजन

इसी रैली से पहले लोगों के बीच राजनीतिक संदेश पहुंचाने और माहौल बनाने के उद्देश्य से INDIA गठबंधन, जिसका नेतृत्व कांग्रेस कर रही है, 28 अक्टूबर को रामलीला मैदान में "मॉक संसद" का आयोजन करने जा रहा है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के अलावा INDIA गठबंधन के कई सहयोगी दलों के शामिल होने की संभावना है.

लोकसभा की तरह होगी कार्यवाही

28 अक्टूबर को आयोजित होने वाली इस मॉक संसद में वही माहौल और प्रक्रियाएं दिखाई जाएंगी, जो आमतौर पर लोकसभा के सत्र के दौरान देखने को मिलती हैं. इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका होगी. नेता प्रतिपक्ष की व्यवस्था होगी, सांसदों की बैठने की व्यवस्था भी संसद की तर्ज पर की जाएगी और लोकसभा अध्यक्ष की तरह एक अध्यक्ष पूरी कार्यवाही का संचालन करेंगे.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस मॉक संसद में विपक्ष की उस शिकायत को भी मंचित किया जाएगा, जिसमें आरोप लगाया जाता है कि संसद के भीतर विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता. इसके अलावा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और हाल के चुनावी मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.

CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, SIR पर रोक लगाने से संबंधित एक प्रस्ताव भी लाया जा सकता है. साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की मांग को लेकर भी चर्चा और प्रतीकात्मक बहस की योजना है. कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मंच के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को जनता के बीच मुद्दा बनाना चाहते हैं.

28 अक्टूबर की मॉक संसद के तीन दिन बाद, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित की जाएगी. इसके बाद संसद के शीतकालीन सत्र से पहले देश के विभिन्न हिस्सों में चार और रैलियां आयोजित करने का भी प्रस्ताव है. नवंबर के अंतिम सप्ताह में संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने की संभावना है. कांग्रेस और INDIA गठबंधन का इरादा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर भी प्रमुखता से उठाया जाए.

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