- ओडिशा के मयूरभंज जिले के काकबंध आश्रम स्कूल में 100 से अधिक छात्र खाने के बाद बीमार पड़े थे
- खराब भोजन के कारण कक्षा पांचवीं की छात्रा रूपाली बेसरा की मौत हो गई, जो आईसीयू में भर्ती थी
- बीमार छात्रों में से 67 को पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है
ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक सरकारी स्कूल में 100 से ज्यादा छात्रों के अचावक बीमार पड़ने से दहशत फैल गई. फूड पॉइजनिंग से एक के मौत की भी खबर है. मरने वाला छात्र कक्षा पांचवी में पढ़ता था. खराब खाने से मौत के बाद गुस्साई भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. मामला बढ़ता देख हाई-लेवल जांच शुरू कर दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों के मुताबिक, काकबंध आश्रम स्कूल के छात्रों ने रविवार सुबह खाना खाने के बाद बेचैनी की शिकायत की जो कथित तौर पर ऑथराइज्ड मेन्यू का हिस्सा नहीं था. माता-पिता ने दावा किया कि बच्चों को फर्मेंटेड चावल (पखाला), मसले हुए आलू और आम की चटनी दी गई थी, जिसके बाद कई बच्चों को उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखे. 100 से ज्यादा प्रभावित छात्रों को शुरू में पास के एक कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया. इनमें से 67 को बाद में गंभीर हालत में बारीपदा के पंडित रघुनाथ मुर्मू (PRM) मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है.
कक्षा पांचवी के छात्र की मौत
क्लास 5 की स्टूडेंट रूपाली बेसरा को सोमवार को इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था, लेकिन मेडिकल कोशिशों के बावजूद अगली सुबह उसकी मौत हो गई.अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि दर्जनों दूसरे स्टूडेंट्स का इलाज चल रहा है, हॉस्पिटल और स्कूल दोनों जगह मेडिकल टीमें तैनात हैं.
मयूरभंज डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर हेमा कांता साय ने कहा कि 66 स्टूडेंट्स का अभी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, जबकि 41 दूसरे कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती हैं.हालात को संभालने के लिए और मेडिकल स्टाफ भेजा गया है. चीफ मिनिस्टर मोहन चरण माझी ने बच्चे की मौत पर दुख जताया और सेंट्रल डिवीजन के रेवेन्यू डिवीजनल कमिश्नर को जांच करने का आदेश दिया.उम्मीद है कि अधिकारी घटना के हालात की जांच करने के लिए इलाके का दौरा करेंगे.
कटा बवाल, गांववालों का फूटा गुस्सा
फूड पॉइजनिंग से मौत के बाद गुस्साई भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे लोगों में भारी गुस्सा फैल गया. जब पुलिस लड़की के गांव में उसका शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पहुंची तो हालात बिगड़ गए. गुस्साए गांववालों ने न्याय और ज्यादा मुआवजे की मांग करते हुए, शव ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर पटाखे फेंके, गाड़ी और मृतक के लिए इस्तेमाल किए गए स्वर्ग रथ को नुकसान पहुंचाया और जुलूस को रोकने की कोशिश की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि झड़प में करीब 20 पुलिसवाले और 10 गांववाले घायल हो गए. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन पुलिस प्लाटून, मयूरभंज के पुलिस सुपरिटेंडेंट (SP) और एडिशनल SP समेत भारी सुरक्षा बल मौके पर भेजा गया है. गांव में तनाव बना हुआ है, और लोकल लोग मामले को संभालने के तरीके पर गुस्सा दिखा रहे हैं. जिला प्रशासन ने रुपाली के परिवार को 7 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है, जबकि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 3 लाख रुपये की एक्स-ग्रेसिया देने की घोषणा की है. इसके बावजूद, लोकल लोगों का कहना है कि यह रकम काफी नहीं है और वे हॉस्टल में फूड सेफ्टी में कथित कमियों के लिए जवाबदेही तय करने के लिए मंत्री से दखल देने की मांग कर रहे हैं.
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