ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक बेहद भावुक और दुखद घटना सामने आई है. यहां एक दिव्यांग महिला ने अपने भाई को डूबने से बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी, लेकिन आखिरकार दोनों की जान चली गई. इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है. पुलिस के मुताबिक यह हादसा खूंटा थाना क्षेत्र के महलारपाड़ा गांव में शुक्रवार शाम हुआ. 32 वर्षीय परमेश्वर अपने घर के पास से गुजर रही नहर के पास था. इसी दौरान वह नहर के तेज बहाव में बहने लगा. उसे बचाने के लिए उसकी 45 वर्षीय बहन नंदिनिदी नायक ने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी.
दिव्यांग होने के बावजूद भाई को बचाने पहुंची
पुलिस ने बताया कि नंदिनिदी के पैरों में शारीरिक दिव्यांगता थी. इसके बावजूद उन्होंने अपने भाई की जान बचाने का प्रयास किया. हालांकि नहर का बहाव इतना तेज था कि वह भी खुद को संभाल नहीं सकीं और पानी में बह गईं. थाना प्रभारी आदित्य प्रसाद जेना के अनुसार दोनों ने बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन तेज धारा के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं.
अलग-अलग जगहों से मिले दोनों के शव
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने तलाश अभियान शुरू किया. कुछ समय बाद परमेश्वर का शव नहर से बरामद कर लिया गया. वहीं नंदिनिदी का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला. बताया जा रहा है कि यह नहर नलुहा नदी से जुड़ी हुई है, जिससे पानी का बहाव काफी तेज रहता है.
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है. स्थानीय लोग बहन के साहस और भाई के प्रति उसके प्रेम की चर्चा कर रहे हैं. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
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