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स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, ये हैं दुनिया के 5 जोखिम भरे समुद्री गलियारे 

ईरान युद्ध के बाद सबसे ज्‍यादा चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य की है. हालांकि इसके अलावा भी दुनिया में पांच ऐसे समुद्री गलियारे मौजूद हैं, जिन्‍हें भी समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद जोखिम भरा माना जाता है. 

स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, ये हैं दुनिया के 5 जोखिम भरे समुद्री गलियारे 
  • दुनिया में 5 ऐसे समुद्री गलियारे हैं, जिन्‍हें समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद जोखिम भरा माना जाता है.
  • पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ती है. यह अमेरिका के कंटेनर यातायात का प्रमुख हिस्सा है.
  • मलक्का स्‍ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री परिवहन मार्ग है. यहां से दुनिया का 24% समुद्री व्‍यापार होता है.
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दुनिया का बड़ा हिस्सा समुद्री व्यापार पर निर्भर होता है. कच्चे तेल और गैस से लेकर खाद्यान्न से लेकर उपभोक्ता वस्तुओं तक सब कुछ समुद्र के रास्ते ही एक देश से दूसरे देश तक पहुंचता है. ऐसे में कुछ समुद्री रास्ते दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था की धड़कन बन चुके हैं. इन रास्तों पर किसी भी तरह का टकराव, युद्ध, समुद्री डकैती या अन्‍य किसी भी तरह की रुकावट दुनिया भर की सप्लाई चेन को कुछ ही वक्‍त में हिला सकती है. ईरान युद्ध के शुरू होने के बाद से पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. इस युद्ध का दुनिया के बाजारों पर काफी असर देखने को मिल रहा है.

ईरान युद्ध के बाद सबसे ज्‍यादा चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य की है. हालांकि इसके अलावा भी दुनिया में पांच ऐसे समुद्री गलियारे मौजूद हैं, जिन्‍हें भी समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद जोखिम भरा माना जाता है. 

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Photo Credit: IANS

1. स्वेज नहर 

मिस्र में स्थित स्वेज नहर यूरोप और एशिया के बीच सबसे छोटा समुद्री मार्ग है, जो मध्य सागर और लाल सागर को जोड़ता है. इस रास्ते की वजह से केप ऑफ गुड होप के चारों ओर करीब 6000 मील की दूरी से राहत मिलती है. 1869 में खुला यह एक कृत्रिम जल मार्ग है. इसकी लंबाई 193 किमी है. यहां से दुनिया का करीब 10 से 12 फीसदी वैश्विक व्‍यापार होता है और वैश्विक कंटेनर यातायात का करीब 22 फीसदी हिस्‍सा यहां से गुजरता है. वहीं कार शिपमेंट का 20 फीसदी और कच्‍चे तेल का 10 फीसदी व्‍यापार यहीं से होता है. जियोपॉलिटिकल टेंशन के साथ ही हूती विद्रोहियों के हमले, समुद्री डकैती जैसे कारणों के चलते यह मार्ग जोखिम भरा हो जाता है. यह वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन लाल सागर में चल रहे संघर्षों के कारण जहाजों को सुरक्षा का खतरा बना रहता है. 

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2. पनामा नहर 

मध्य अमेरिका में स्थित पनामा नहर अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है, जो अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच 8,000 मील से अधिक की दूरी की यात्रा से बचाता है. यहां से हर साल अमेरिका के कुल कंटेनर यातायात का करीब 40% गुजरता है. वहीं यहां से वैश्विक समुद्री व्‍यापार का करीब 2.5 फीसदी यहीं से होता है. सीके हचिसन की सहायक कंपनी, पनामा पोर्ट्स कंपनी, 1997 से इसका संचालन कर रही है और 2021 में उसे 25 साल के लिए एग्रीमेंट का रिन्‍यूवल किया गया. इस नहर का निर्माण 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका ने किया था और दशकों तक संचालन के बाद इसे 1999 में पूरी तरह से पनामा को सौंप दिया. पनामा नहर में जलस्‍तर घटने से कई बार परेशानी खड़ी हो चुकी है. इसके चलते कई बार यहां से गुजरने वाले जहाजों के आकार को सीमित करना पड़ा है. 

3. मलक्का जलडमरूमध्य

इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के बीच स्थित मलक्का स्ट्रेट हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर और प्रशांत महासागर से जोड़ता है. इसे फारस की खाड़ी और एशिया के बाजार के बीच सबसे छोटा रास्ता माना जाता है. यह दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री परिवहन मार्ग है. यहां से दुनिया का 24 फीसदी समुद्री व्‍यापार होता है, जिसमें समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल का 45% और कारों का 26% हिस्सा शामिल है. यही वो मार्ग है, जहां से चीन के तेल आयात का करीब 80% हिस्सा गुजरता है. मलक्का स्‍ट्रेट में समुद्री डकैती और लूटपाट की घटनाएं हो चुकी हैं. वहीं अमेरिका और चीन की यहां पर मौजूदगी बड़ा जोखिम खड़ा कर सकती है. 

4. बाब अल-मंडेब

बाब अल-मंडेब लाल सागर को अदन की खाड़ी के माध्यम से अरब सागर से जोड़ता है. यह यूरोप और एशिया के बीच अहम व्यापारिक मार्ग है, जिससे 12 फीसदी वैश्विक व्यापार हो रहा है. यदि इस मार्ग पर व्यवधान होता है, तो जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर 'केप ऑफ गुड होप' के रास्ते मोड़ना पड़ सकता है. इससे यूरोप और अमेरिका जाने वाली खेप के समय में अनुमानित 15-20 दिन की देरी हो सकती है. ईरान युद्ध के शुरू होने के बाद हूती विद्रोहियों ने बाब अल मंडेब को बंद करने की धमकी दी है. 

5. बोस्फोरस और डार्डानेल्स

बोस्फोरस और डार्डानेल्स जलडमरूमध्य तुर्की में है. डार्डानेल्स भूमध्‍य सागर को मरमरा सागर से जोड़ता है. वहीं बोस्फोरस काला सागर को मरमारा सागर से जोड़ता है. जहां पर बोस्‍फोरस की लंबाई 31 किमी है, वहीं डार्डानेल्‍स की लंबाई 61 किमी है. 

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