What Nations Across World Are Doing To Deal With Energy Crisis: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया इस वक्त एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते इस संघर्ष के चलते हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. इस संकट की बड़ी वजह है ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करना, जो दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस का मुख्य रास्ता है. जब यह रास्ता बाधित होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ता है और कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं.
इस संकट से निपटने के लिए दुनिया के कई देशों ने सख्त कदम उठाए हैं. एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में ईंधन बचाने के लिए पब्लिक हॉलिडे घोषित किए गए हैं, वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया गया है तो कहीं पेट्रोल की लिमिट तय की गई है. कई स्कूलों और बिजनेस को टेम्परेरी रूप से बंद कर दिया गया है.
ऊर्जा संकट से मजबूती से निपट रहा भारत
भारत मौजूदा ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रहा है. सरकार ने तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाकर रूस और अन्य देशों से आपूर्ति बढ़ाई है, ताकि किसी एक क्षेत्र (मध्य पूर्व) पर निर्भरता कम हो. घरेलू स्तर पर इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देकर सालाना 4.5 करोड़ बैरल तेल की बचत की जा रही है. साथ ही, रिफाइनिंग क्षमता विस्तार और 'इकोनॉमिक स्टेबलाइजेशन फंड' जैसे ठोस कदमों से भारत वैश्विक सप्लाई बाधाओं और कीमतों के उतार-चढ़ाव को झेलने में सक्षम हुआ है.
श्रीलंका
एशिया के कई देशों में हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं. श्रीलंका में स्कूल, कॉलेज और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों के लिए छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं और निजी वाहनों के लिए हर हफ्ते 15 लीटर पेट्रोल की सीमा तय की गई है.
बांग्लादेश और भूटान
बांग्लादेश में बिजली की कमी को देखते हुए सभी इंस्टिट्यूट्स ने पढ़ाई को ऑनलाइन कर दिया गया है और घरों में रोज 5 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है. भूटान ने पेट्रोल जमा करने से रोकने के लिए जेरिकैन में ईंधन बेचने पर रोक लगा दी है.
पाकिस्तान
पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 दिन का वर्क वीक लागू किया गया है और सरकारी विभागों के लिए ईंधन 50% कम कर दिया गया है. वहीं, म्यांमार में गाड़ियों के नंबर के आधार पर पेट्रोल दिया जा रहा है और कई पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं.
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मिस्र, केन्या
अफ्रीका में भी हालात गंभीर हैं. मिस्र में मॉल और रेस्टोरेंट रात 9 बजे तक ही खुले रहेंगे और सरकारी दफ्तर शाम 6 बजे बंद हो जाएंगे. केन्या में ईंधन की बचत के लिए एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी गई है.
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड में सरकार 'कार-फ्री डे' लागू करने पर विचार कर रही है, जिसमें लोगों को हफ्ते में एक दिन गाड़ी नहीं चलानी होगी. वहीं, Air New Zealand ने महंगे ईंधन के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी हैं.
यूरोप पर असर
यूरोप के देशों ने भी ईंधन की बचत के लिए सख्त कदम उठाए हैं. स्लोवाकिया में डीजल खरीदने की सीमा तय कर दी गई है, ताकि लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा न करें.
स्लोवेनिया में भी पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों के लिए फ्यूल की लिमिट तय कर दी गई है, ताकि सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में ईंधन मिल सके.
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू हो गई है और हालात बेहतर हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान पर किसी बड़े हमले को टाल दिया गया है. हालांकि ईरान ने इन बातों को नकारते हुए कहा है कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है.
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