- नोएडा में करीब 42 हजार कर्मचारी प्रदर्शन के दौरान हिंसक उपद्रव कर लगभग 80 स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी की
- प्रदर्शनकारियों ने कई क्षेत्रों में गाड़ियों को आग लगाई तथा सड़क जाम कर पुलिस थानों पर पत्थरबाजी की
- पुलिस ने 300 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया की भी जांच कर रही है
42 हजार कर्मचारी प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे, 80 अलग-अलग जगह पर उपद्रव, 100 से ज्यादा गाडि़यों में तोड़फोड, कई वाहनों में लगाई आग... 300 से ज्यादा लोग हिरासत में लिये गए. हरियाणा में सुलगी चिंगारी जब यूपी पहुंची, तो नोएडा में बवाल हो गया. नोएडा में सोमवार का दिन हिंसक प्रदर्शनों के नाम रहा. नोएडा के लगभग हर कमर्शियल सेक्टरों से हंगामे, आगजनी और सड़क जाम की तस्वीरें दिखाई दीं. कम वेतन पर काम करने वाले कर्मचारी ने हिंसक रूप अपना लिया. नोएडा के फेस-2 इलाके की एक फैक्ट्री के बाहर शुरू हुई आगजनी, नोएडा के फेस-2 से साथ नोएडा के सेक्टर-67, 63 में भी फैल गई. मदरसन के गेट के पास 3-4 गड़ियों में आग लगा दी गई. प्रदर्शनकारियों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने सड़क पर लगा एक बिजली का खंभा तक उखाड़ डाला, लेकिन फिलहाल स्थिति काबू में है.
उपद्रव करने वाले 300 लोग गिरफ्तार
फिलहाल नोएडा में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन सतर्क मोड में है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी है. फोन पर बात करते हुए जॉइंट सीपी राजीव नारायण ने बताया कि करीब 100 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस सीसीटीवी की मदद से हिंसा करने वालों की पहचान कर रही है.
- नोएडा से 300 लोगों को प्रीवेंटिव अरेस्ट कर न्यायिक हिरासत में भेज में दिया गया है.
- प्रदर्शन में शामिल और कानून को हाथ में लेने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई.
- कुछ व्हाट्सएप ग्रुप की जांच साइबर टीम कर रही है, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की.
- गिरफ्तार लोगों में कई श्रमिक नहीं है, इन्हें साजिश के तहत कर्मचारियों के बीच उग्र प्रदर्शन करने के लिए भेजा गया था.

कारों को फूंका, एक्सप्रेसवे किया जाम
नोएडा में बवाल के दौरान सेक्टर-63 में मारुति सुजुकी के वर्कशॉप में उपद्रवियों ने वहां खड़ी कारों में आग लगा दी, दर्जन भर कारों के शीशे भी तोड़ दिए. सेक्टर-63 के पुलिस थाने पर भी पत्थरबाजी हुई, पुलिस ने भी पत्थर फेंकने वालों को खूब दौड़ाया. सेक्टर-15 के आसपास कमर्शियल सेक्टरों से आए लोगो ने एक्सप्रेस-वे जाम कर दिया. शहर के दूसरे कोने पर सेक्टर-62 में फैक्ट्री कर्मचारियों ने नेशनल हाइवे को भी पूरी तरह जाम करने की कोशिश की, जिससे कई घंटों तक जाम लगा रहा.
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महंगाई से परेशान कर्मचारी, घर चलाना हुआ मुश्किल
नोएडा सेक्टर-84 में हमने कुछ कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की, तो लोगों ने बताया कि गैस महंगी हो गई, किराया बढ़ गया, लेकिन सैलरी नहीं बढ़ रही. हरियाणा में बढ़ाए गए वेतन का हवाला देते हुए उनकी मांग है कि न्यूनतम वेतन 25 से 30 हज़ार होना चाहिए. भीड़ में मौजूद बिहार के लाला दास ने अपनी सैलरी स्लिप दिखाते हुए समझाया कि उनका वेतन 13 हजार है, लेकिन उनकी बैसिक सैलरी 9 ही हजार बनता है.
7 थानों में FIR, 80 जगह उपद्रव

शाम होते-होते कर्मचारियों का गुस्सा कम होता नजर आया. नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में सड़क जाम करने वाले कर्मचारियों से प्रशासन से लेकर पुलिस के आलाधिकारी तक ने बात की उन्हें समझाया. पुलिस ने बताया कि 300 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक, 80 से अधिक जगह पर उपद्रव हुआ है. 42 हज़ार के करीब कर्मचारियों इस प्रदर्शन में शामिल थे. नोएडा के 7 थानों में FIR दर्ज कराई गई है. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी ने प्राधिकरण पहुंच पर फैक्ट्री वर्कर्स की समस्याओं को लेकर बैठक की. फैक्टरी वर्कर्स को आश्वासन दिया गया है कि उनके हितों की रक्षा होगी और सभी कंपनियों में श्रम कानून को सख्ती के साथ लागू कराया जाएगा.
फिलहाल अभी पूरे इलाके में शांति है, लेकिन अब ये देखना होगा कि क्या आज फिर फैक्ट्री वर्कर्स सड़कों पर उतरेंगे? क्या जिन फैक्ट्रियों में उपद्रव हुआ, वो आज खुलेंगी.
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