दिल्ली से हर दिन हजारों लोग डीएनडी और फिर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते नोएडा आते हैं. लेकिन इस दौरान उन्होंने भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है. लेकिन अब इन लोगों को लिए खुशखबरी है. क्योंकि नोएडा विकास प्राधिकरण ने दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को और ठीक करने के लिए यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र में 29 किलोमीटर लंबे एक नए 4-लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी है. जिसकी लागत करीब 500 करोड़ रुपए होगी. इस एक्सप्रेसवे से नोएडा के कई इलाकों की तस्वीर बदल जाएगी. एक तरफ ट्रैफिक और भीषण जाम से लोगों की समस्या दूर होगी. जबकि दूसरी तरफ प्रॉपर्टी के दामों में भी इजाफा होगा. ऐसे में इसका सीधा फायदा नोएडा के 5 लाख से भी ज्यादा लोगों को होगा.
25 सेक्टरों और 75 सोसायटियों को फायदा
नोएडा में बनने वाले इस 4 लेन एक्सप्रेसवे का फायदा शहर के 25 सेक्टरों को होगा. जिसमें सेक्टर-135, 150, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 153, 154, 155, 158, 159, 163, 164 और 94 सेक्टर भी शामिल हैं. इसके अलावा 75 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को भी इसका लाभ होगा. क्योंकि अब तक यहां रहने वाले लोगों को अपने ऑफिस या फिर दिल्ली जाने के लिए मौजूदा नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना पड़ता था. जिस पर ट्रैपिक का दवाब ज्यादा होता था. लेकिन नए एक्सप्रेसवे के बनने से इन लोगों को ट्रैफिक में नहीं फंसना होगा. वहीं जानकारों का मानना है कि इससे एक्सप्रेसवे से प्रॉपर्टी के दामों में भी उछाल आ सकता है.
ये भी पढ़ेंः नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच 8 लेन का एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, कालिंदी कुंज, ओखला से DND तक गुड न्यूज
इन गांवों को भी फायदा
इसके अलावा नोएडा में आने वाले शाहपुर गोवर्धनपुर, शाहपुर गढ़ी, नंगला नंगली, रोहिल्लापुर , छपरौली, मंगरौली, नंगला वाजिदपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जाहगीर, गुजरान डेरिन, याकूतपुर, गुलावली जैसे गांवों को भी अच्छा फायदा होने वाला है. क्योंकि 4 लेन एक्सप्रेसेवे के निर्माण से भविष्य में इन क्षेत्रों में रिहायशी इलाकों को क्षेत्र बढ़ेगा .
जमीन का नहीं होगा अधिग्रहण
इस 4 लेन एक्सप्रेस वे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि योजना में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं होगी. क्योंकि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास दोआब क्षेत्र में पहले से ही 22 से 28 मीटर चौड़ी जमीन मौजूद है. जिसका इस्तेमाल इस 4-लेन सड़क को बनाने में किया जाएगा. परियोजना के तहत यमुना दोआब हिस्से को 1 किलोमीटर और हरनंदी दोआब क्षेत्र को 17 किलोमीटर तक 4 लेन में चौड़ा और मजबूत किया जाएगा. यह नया रूट आगे चलकर सेक्टर-150 के पास कोंडली बांगर की ओर से आने वाली 75 मीटर चौड़ी सड़क से सीधे जुड़ जाएगा.
ट्रैफिक से मिलेगी निजात
फिलहाल नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे 10 लाख से ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है. जेवर एयरपोर्ट शुरू होने की वजह से ट्रैफिक दवाब और ज्यादा होता जा रहा है. ऐसे में 29 किलोमीटर नया समानांतर एक्सप्रेसवे बनने से न केवल दिल्ली जाना होगा आसान होगा, बल्कि जेवर एयरपोर्ट तक जाने के लिए भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग को तत्काल प्रभाव से इसकी विस्तृत कार्ययोजना यानि डीपीआर बनाकर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं.
ये भी पढ़ेंः ट्रेन है या लग्जरी होटल? वंदे भारत स्लीपर की नई ट्रेन 2 राजधानियों को देगी सुपरफास्ट रफ्तार, नमो भारत जैसी स्पीड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं