"कोई सुरक्षा चूक नहीं हुई": राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर कश्मीर पुलिस

7 सितंबर को कन्याकुमारी में शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा 3,970 किलोमीटर, 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करने के बाद 30 जनवरी को श्रीनगर में समाप्त होगी.

श्रीनगर:

भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक के कांग्रेस के आरोप पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि आयोजकों ने यात्रा को 1 किमी के बाद रोकने पर कोई निर्णय लेने से पहले उससे परामर्श नहीं लिया था. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्विटर पर कहा, "आयोजकों ने 1 किमी की यात्रा आयोजित करने के बाद यात्रा को रोकने के बारे में कोई निर्णय लेने से पहले जेकेपी से परामर्श नहीं किया था. बाकी यात्रा शांतिपूर्वक जारी रही. सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई. हम पुख्ता सुरक्षा प्रदान करेंगे."

भीड़ के बारे में सूचित नहीं किया था

पुलिस ने कहा, "आयोजकों द्वारा सत्यापित व्यक्तियों की तलाशी लेने के बाद ही भीड़ को यात्रा के मार्ग की ओर जाने की अनुमति दी गई थी." पुलिस ने आगे कहा, "भारत जोड़ो यात्रा के आयोजकों और प्रबंधकों ने यात्रा में बनिहाल से शामिल होने वाली बड़ी भीड़ के बारे में सूचित नहीं किया था. भीड़ शुरुआती बिंदु के पास ही उमड़ पड़ी थी." इसमें कहा गया, "सीएपीएफ की 15 कंपनियों और जेकेपी की 10 कंपनियों सहित पूरे सुरक्षा इंतजाम थे. इनमें आरओपी और क्यूआरटी शामिल थे। रूट डोमिनेशन, लेटरल डिप्लॉयमेंट और एसएफ को हाई-रिज पर तैनात किया गया था."

कांग्रेस ने लगाए थे आरोप

शुक्रवार को, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा में सुरक्षा चूक का आरोप लगाया था और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन पर भीड़ को प्रबंधित करने में विफल रहने का आरोप लगाया था. रजनी पाटिल ने घटनास्थल की एक तस्वीर के साथ एक ट्वीट में कहा, "जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा. सुरक्षा में चूक यूटी प्रशासन के अनुचित रवैये का संकेत देती है."

"15 मिनट तक कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था"

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 15 मिनट तक भारत जोड़ो यात्रा के साथ कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था, और इसे 'गंभीर चूक' करार दिया. वेणुगोपाल ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, "यहां संबंधित एजेंसियों द्वारा सुरक्षा को गलत तरीके से संभाला गया है. 15 मिनट के लिए, यहां भारत जोड़ो यात्रा के साथ कोई सुरक्षा अधिकारी नहीं था. यह एक गंभीर चूक है. राहुल गांधी और अन्य यात्री बिना सुरक्षा के नहीं चल सकते." 

30 जनवरी को श्रीनगर में समाप्त होगी

राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा जम्मू-कश्मीर में यात्रा के अपने अंतिम चरण में है. केंद्र शासित प्रदेश के रामबन जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग -44, बनिहाल रेलवे स्टेशन से शुक्रवार सुबह भारत जोड़ो यात्रा फिर से शुरू हुई. जम्मू शहर के बाहरी इलाके में 22 जनवरी को हाल ही में हुए दोहरे विस्फोटों के मद्देनजर क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. नरवाल के एक व्यस्त इलाके में विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम नौ लोग घायल हो गए थे. 7 सितंबर को कन्याकुमारी में शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा 3,970 किलोमीटर, 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करने के बाद 30 जनवरी को श्रीनगर में समाप्त होगी. कल वायनाड के सांसद राहुल गांधी की सुरक्षा में सेंध की खबरें सामने आई थीं.

पहले भी लग चुके हैं आरोप

17 जनवरी को भी भारत जोड़ो यात्रा में एक सुरक्षा उल्लंघन सामने आया था, जब पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा में एक अज्ञात व्यक्ति ने भीड़ से निकलकर राहुल गांधी को गले लगाने की कोशिश की. हालांकि, राहुल गांधी ने बाद में उसे "उत्साहित" करार दिया और कहा कि यह लोगों का उत्साह था. इससे पहले 4 जनवरी को, कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 24 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाली भारत जोड़ी यात्रा में "सुरक्षा उल्लंघनों" का आरोप लगाया था. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्र को लिखे एक पत्र में कहा कि दिल्ली पुलिस ने "मूकदर्शक" की तरह व्यवहार किया, और बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और राहुल गांधी के चारों ओर एक परिधि बनाए रखने में पूरी तरह से विफल रही, जिन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी गई है.

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