विज्ञापन
Story ProgressBack
This Article is From Nov 24, 2022

नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी

लंदन की उच्च न्यायालय ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ऋण घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों का सामना करने के लिए हाल ही में नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था.

Read Time: 4 mins
नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी
नीरव मोदी अभी लंदन के वैंड्सवर्थ कारागार में बंद है.
लंदन:

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने लंदन उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर कर अपने भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी है. लंदन की उच्च न्यायालय ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ऋण घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों का सामना करने के लिए हाल ही में नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था.

नीरव (51) अभी लंदन के वैंड्सवर्थ कारागार में बंद है. आम जनता के हित से जुड़े कानून के एक बिंदु के आधार पर उसके पास अपील दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय है. ब्रिटेन के गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नीरव को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की राह में अब भी कई कानूनी अड़चनें हैं. भारतीय अधिकारियों की ओर से काम कर रही क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के अब नीरव के नए आवेदन का जवाब देने की उम्मीद है, जिसके बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश लिखित में फैसला देंगे.

क्रिसमस की छुट्टियों की वजह से यह मामला और भी लटक सकता है. न्यायाधीश जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायाधीश रॉबर्ट जे ने नीरव को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला नौ नवंबर को सुनाया था. अदालत ने मनोरोग विशेषज्ञों के बयान के आधार पर कहा था कि उसे ऐसा नहीं लगता कि नीरव की मानसिक स्थिति अस्थिर है और उसके खुदकुशी करने का जोखिम इतना ज्यादा है कि उसे भारत प्रत्यर्पित करना अन्यायपूर्ण और दमनकारी कदम साबित होगा.

फैसले में यह भी कहा गया कि प्रत्यर्पण के बाद हीरा कारोबारी को मुंबई की जिस आर्थर रोड जेल की बैरक 12 में रखा जाना है, उसमें सुरक्षा के ‘‘पर्याप्त उपाय'' किए गए हैं. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फैसले के बाद कहा था कि लंदन उच्च न्यायालय में नीरव मोदी मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान दो मनोरोग विशेषज्ञों की गवाही उसकी खराब मनोवैज्ञानिक स्थिति के तर्क के खारिज होने में महत्वपूर्ण साबित हुई और इसके चलते फैसला भारत के पक्ष में आया.

नीरव को इस साल फरवरी में जिला न्यायाधीश सैम गूजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गई व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गई थी. नीरव के खिलाफ दो मामले हैं. एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके और सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित है, जिसकी सीबीआई जांच कर रही है. वहीं, दूसरा मामला इस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद करने से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है. नीरव पर साक्ष्यों को गायब करने और गवाहों को डराने-धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं.

ये भी पढ़ें : "क्या आप कांग्रेस को वोट देते हैं?" VIDEO जारी कर गुजरात चुनाव में अरविंद केजरीवाल की बड़ी अपील

ये भी पढ़ें : बिना सरनेम वाले यात्री अब नहीं करे सकेंगे इस देश की यात्रा

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
चिढ़ गया चीन, अमेरिकी दल की दलाई लामा से मुलाकात के मायने समझिए
नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी
"मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध...": कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने PM मोदी से मुलाकात पर कहा
Next Article
"मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध...": कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने PM मोदी से मुलाकात पर कहा
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
;