Nirav Modi Extradition: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लेकर भारत सरकार ने एक बार फिर महत्वपूर्ण जानकारी दी है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) जारी कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद किया जाएगा. नीरव मोदी भारत में करीब 2 अरब डॉलर के पीएनबी ऋण घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहा है. भारत लगातार ब्रिटेन के समक्ष उसके प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाता रहा है. इस बीच ब्रिटेन की अदालतें उसके प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला दे चुकी हैं और अब सभी की नजरें शेष कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर टिकी हैं.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "इस मामले में कानूनी कार्यवाही जारी है और जैसे ही यह कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण कर दिया जाएगा." हालांकि उन्होंने वर्तमान में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी.
VIDEO | Delhi: On Nirav Modi's extradition update, MEA spokesperson Randhir Jaiswal (@MEAIndia) says, “Regarding the extradition of Nirav Modi, as we have said earlier, legal proceedings in the matter are ongoing. Once those legal proceedings are completed, he will be extradited… pic.twitter.com/o0UkHksbBf
— Press Trust of India (@PTI_News) July 14, 2026
पीएनबी घोटाले में आरोपी है नीरव मोदी
नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े एक बड़े बैंक घोटाले का आरोपी है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने फर्जी गारंटी पत्रों और बैंकिंग व्यवस्था का गलत इस्तेमाल कर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज हासिल किया. बाद में वह भारत छोड़कर विदेश भाग गया. उस पर मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध तरीके से पैसे को छिपाने और इधर-उधर करने) का भी आरोप है. भारत सरकार उसे वापस लाकर अदालत में मुकदमा चलाना चाहती है.
2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद
भगोड़ा हीरा कारोबारी मार्च 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद से वह वहां की जेल में बंद है. भारत लगातार उसके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है और दोनों देशों के बीच यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बना हुआ है.
ब्रिटिश अदालतों से मिल चुकी है मंजूरी
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटिश अदालतें पहले ही भारत के पक्ष में फैसला दे चुकी हैं. इसके अलावा यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (European Court of Human Rights) ने भी उसके प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया था. इसके बाद माना जा रहा था कि नीरव मोदी को भारत भेजे जाने का रास्ता काफी हद तक साफ हो चुका है.
अभी पूरी होनी हैं कुछ कानूनी प्रक्रियाएं
विदेश मंत्रालय के ताजा बयान से स्पष्ट है कि कुछ कानूनी प्रक्रियाएं अभी भी लंबित हैं. सरकार का कहना है कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होते ही नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा, ताकि वह भारतीय अदालतों में चल रहे मामलों का सामना कर सके.
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