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यूपी में सीतापुर, मथुरा की नई रेल लाइनों को मंजूरी, वृंदावन-नैमिषारण्य जाना आसान होगा, MP-राजस्थान समेत 3 राज्यों को फायदा

Railway Projects: रेलवे के मुताबिक, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी. इससे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, बल्कि 37 करोड़ लीटर तेल की बचत और सीओ2 उत्सर्जन में भी बड़ी कमी आएगी.

यूपी में सीतापुर, मथुरा की नई रेल लाइनों को मंजूरी, वृंदावन-नैमिषारण्य जाना आसान होगा, MP-राजस्थान समेत 3 राज्यों को फायदा
तीन नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी (AI इमेज)
  • सरकार ने उत्तर प्रदेश के मथुरा और सीतापुर समेत तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है
  • परियोजनाओं में नागदा-मथुरा, बुरहवाल-सीतापुर और गुंटकल-वाडी तक थर्ड और फोर्थ लाइन बिछाई जाएगी
  • इन परियोजनाओं से 19 जिलों के लगभग 83 लाख लोगों को बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा
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नई दिल्ली:

सरकार ने उत्तर प्रदेश के मथुरा और सीतापुर को बड़ा तोहफा दिया है. रेलवे की तीन बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को तीन मंजूरी दे दी है. जिसके तहत नागदा-मथुरा और बुरहवाल–सीतापुर तक  थर्ड और फोर्थ लाइन बिछाई जाएगी. वहीं गुंटकल–वाडी तक भी थर्ड और फोर्थ लाइन का विस्तार किया जाएगा. इन लाइनों के विस्तार से ट्रेनों की आवाजाही न सिर्फ आसान होगी बल्कि समय भी कम लगेगा. साथ ही रेलवे की सेवा ज्यादा भरोसेमंद हो जाएगी.

रेलेवे की परियोजना से 19 जिलों को फायदा

सरकार की इस परियाजना का फायदा मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों को भी मिलेगा. इससे करीब 4,000 से ज्यादा गांवों (लगभग 83 लाख आबादी) को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. सरकार का कहना है कि ये योजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई हैं, जिसका मकसद मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना है. इससे लोगों, सामान और सेवाओं का आवागमन और आसान होगा.

महाकालेश्वर, रणथंभौर जाना होगा आसान

रेलवे की इस योजना से कई बड़े पर्यटन स्थलों जैसे महाकालेश्वर, रणथंभौर नेशनल पार्क, केवलादेव नेशनल पार्क, मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य तक पहुंच बेहतर होगी. साथ ही कोयला, सीमेंट, खाद, लोहा-इस्पात जैसे जरूरी सामान की ढुलाई भी तेज हो जाएगी. रेलवे के मुताबिक, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी. इससे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, बल्कि 37 करोड़ लीटर तेल की बचत और सीओ2 उत्सर्जन में भी बड़ी कमी आएगी.

प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब 23,437 करोड़ रुपये

मंगलवार को सरकार ने रेलवे की तीन बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी. इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब 23,437 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इन योजनाओं के तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी. जिनकी कुल लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपये है.

पीएम मोदी का कहना है कि इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी तेज रफ्तार मिलेगी. पीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, आर्थिक विकास को गति!" उन्होंने बताया, "मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में रेलवे परियोजनाओं के लिए कैबिनेट की मंजूरी से कनेक्टिविटी बढ़ेगी और परिचालन क्षमता में सुधार होगा. इससे पूरे देश में प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होगी."

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