न्यू नोएडा (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र DNGIR) के पहले दो चरणों में प्रति हेक्टेयर 5 करोड़ का मुआवजा मिलेगा. पहले चरण के 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए तैयारी तेज हो गई है. इसके लिए न्यू नोएडा के लिए तीन नए वर्क सर्किल भी बनाए गए हैं, हालांकि नोएडा अथॉरिटी ने यहां 13 नंबर के सर्किल को नहीं रखा है. पुराने नोएडा शहर में भी सेक्टर-13 नहीं है. 13 को पारंपरिक तौर पर अशुभ माना जाता है. नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र DNGIR) के लिए तीन नए वर्क सर्किल (11, 12 और 14) बनाएगी. इसके लिए दो महाप्रबंधकों को जिम्मेदारी देगी. हालांकि 13 नंबर सर्किल नहीं होगा.
भूमि अधिग्रहण को रफ्तार देने, अवैध कब्जों पर नजर रखने और सुनियोजित विकास के लिए ये कदम उठाया गया है. वर्क सर्किल 11 की कमान जीएम एसपी सिंह को और वर्क सर्किल 12 और 14 को जीएम एके अरोड़ा संभालेंगे. उनके साथ 5-5 सीनियर मैनेजर भी होंगे. गांवों के भूमि रिकॉर्ड और राजस्व संबंधी ब्योरा तैयार करने के लिए लेखपालों की तैनाती की गई है.
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. इसमें गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 से अधिक गांव शामिल हैं. न्यू नोएडा के पहले चरण में में 6 लाख की आबादी के लिए आवासीय, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनेंगे. दादरी क्षेत्र के 13 गांवों और बुलंदशहर के 24 गांवों के साथ 37 गांवों पर फोकस है.

मुआवजे के लिए यीडा जैसी नीति
मुआवजे के लिए यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (YEIDA) की तरह पारदर्शी नीति बनाई गई है. किसानों से आपसी सहमति और लैंड पूलिंग मॉडल के आधार पर जमीन ली जाएगी.पहले दो चरणों के लिए 5725 प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा है. किसानों को ग्रेटर नोएडा भूमि अधिग्रहण की तर्ज पर 6 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड भी मिलेगा. तीसरे और चौथे फेज के लिए मुआवजा 4558 प्रति वर्ग मीटर की दर से मिलेगा. साथ ही सात प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड दिया जाएगा.
न्यू नोएडा के पहले चरण का मुआवजा
पहले चरण में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दिसंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच पूरा होगा.पहले चरण में 37 गांवों की कुल 3165 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा. बुलंदशहर के 24 गांव में बिरोंडी फौलादपुर, जोखाबाद, कैथरा, सनवाली, सिकरा शामिल हैं. गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव में आनंदपुर, बील अकबरपुर, कोट, फूलपुर, सैंथली शामिल हैं. जिस भी गांव के किसान सबसे पहले जमीन देंगे, वहीं न्यू नोएडा का पहला औद्योगिक सेक्टर बसाया जाएगा. नोएडा अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि 18 अक्टूबर 2024 के बाद न्यू नोएडा के चिह्नित 80 गांवों की सीमा के भीतर किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह अवैध माना जाएगा.
- 1000 करोड़ का बजट पहले चरण के अधिग्रहण के लिए
- 6 से 7 प्रतिशत तक के आवासीय भूखंड भी दिए जाएंगे
- न्यू नोएडा मास्टर प्लान-2041 को 18 अक्टूबर 2024 को मंजूरी
न्यू नोएडा चार चरणों में विकसित होगा
न्यू नोएडा का विकास चार चरणों में अगले 15 सालों में किया जाएगा. न्यू नोएडा मास्टर प्लान 2041 जीआईएस आधारित मास्टर मैप तैयार हो रहा है. इसी आधार पर तय होगा कि औद्योगिक इलाके के अलावा कहां आवासीय कॉलोनी, ग्रीन बेल्ट और जलाशय बनेंगे, ताकि यह NCR का सबसे आधुनिक शहर बनकर उभरे.
न्यू नोएडा के चार चरण
चरण 1 (2024-2027): 3165 हेक्टेयर
चरण 2 (2027-2032): 3798 हेक्टेयर
चरण 3 (2032-2037): 5908 हेक्टेयर
चरण 4 (2037-2041): 8230 हेक्टेयर
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