नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब संयुक्त राष्ट्र की संस्था वर्ल्ड मेटेरोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन (WMO) ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं. इन तस्वीरों में आपदा से पहले और बाद के हालात की तुलना की गई है. तस्वीरों से साफ पता चलता है कि भोटे कोशी और त्रिशुली नदी क्षेत्र में बाढ़ ने किस तरह बड़े पैमाने पर तबाही मचाई.
नदी का आकार बदला, कई बस्तियां गायब
यूरोपीय संघ की संस्था कॉपरनिकस के सेंटिनल-2 सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा के पास बेट्रावती से गेरखु तक का इलाका नजर आता है. बाढ़ के बाद नदी की चौड़ाई कई गुना बढ़ गई है. जो घर और आबादी वाले इलाके पहले नदी से दूर दिखाई देते थे, वे अब लगभग पूरी तरह गायब हो चुके हैं.
गाद जमा होने से बदला पूरा इलाका
तस्वीरों से यह भी पता चला है कि बाढ़ के बाद नदी के आसपास भारी मात्रा में गाद और मलबा जमा हो गया है. कई जगह नदी की धाराएं काफी चौड़ी हो गई हैं. इससे पर्यावरण और स्थानीय भूगोल में बड़ा बदलाव आया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र को सामान्य स्थिति में लौटने में लंबा समय लग सकता है.
पहले भी जारी हुई थीं ऐसी तस्वीरें
इससे पहले नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी रसुवा जिले की भोटे कोशी नदी से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें जारी की थीं. प्लैनेट लैब की इन तस्वीरों में स्याफ्रुबेसी से देवीघाट तक का इलाका दिखाया गया था. इनमें नदी के दोनों किनारों पर बसे कई रिहायशी क्षेत्रों के पूरी तरह तबाह होने के संकेत मिले थे.
सड़कें और पुल तक बह गए
सैटेलाइट तस्वीरों में कई किलोमीटर तक सड़कों, छोटे-बड़े पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के निशान दिखाई दे रहे हैं. कई जगह नदी की धारा ने अपना रास्ता बदल लिया है और तेज कटाव से आसपास का भूभाग बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तस्वीरें बताती हैं कि यह आपदा सिर्फ बाढ़ नहीं थी, बल्कि इसने पूरे इलाके का नक्शा बदलकर रख दिया.
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