नई दिल्ली में चल रहे G20 समिट के पहले ही दिन भारत को बड़ी कामयाबी मिली. G20 सदस्यों के बीच 'दिल्ली डिक्लेरेशन' यानी 'दिल्ली घोषणापत्र' पर आम सहमति बन गई. दिल्ली घोषणापत्र को लेकर G20 के शेरपा अमिताभ कांत ने बताया कि नई दिल्ली घोषणापत्र पर सदस्य देशों से 200 घंटे तक चर्चा हुई. रूस और चीन के साथ अलग से लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद शुक्रवार रात को ही अंतिम मसौदे पर सहमति बनी थी.
NDTV से खास बातचीत में अमिताभ कांत ने कहा, "मुझे लगता है कि नई दिल्ली के नेताओं की घोषणा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि हमने महिला सशक्तीकरण और लिंग समानता पर व्यापक ध्यान देने के साथ महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर क्या हासिल किया है. महिलाओं की खाद्य सुरक्षा, पोषण और कल्याण पर पूरी तरह से बड़ा ध्यान है और हमने महिलाओं के सशक्तिकरण पर एक नया कार्य समूह बनाया है, जिसे ब्राजील आगे बढ़ाएगा. नई दिल्ली के नेताओं की घोषणा में कुल 83 पैरा हैं और सभी 83 पैरा पर सभी देशों में शत-प्रतिशत सहमति है."
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अमिताभ कांत ने कहा, "ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया ने भारत के साथ मिलकर काम किया. उभरते देशों ने अहम भूमिका निभाई. कई दिनों तक बिना रुके बातचीत चलती रहीं. आखिरकार हमें कहना पड़ा कि लीडर (पीएम मोदी) यही चाहते हैं. विदेश मंत्री ने मुझे भू-राजनीति पर दो उत्कृष्ट अधिकारी दिए, उन्होंने नायडू और ईनम गंभीर का जिक्र किया. एक बेहतरीन टीम वर्क ने हमें उस मुद्दे पर आम सहमति बनाने में मदद की जिस पर दुनिया आम सहमति से बचती रही है."
अमिताभ कांत ने कहा, "G20 घोषणापत्र सभी विकासात्मक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर 100 प्रतिशत आम सहमति के साथ पारित हुआ है, ये भारत के कूटनीतिक स्तर पर एक ‘ऐतिहासिक' और ‘अभूतपूर्व'उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि G20 घोषणापत्र को अंतिम रूप दिये जाने से आज की दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व प्रदर्शित हुआ है.
शेरपा अमिताभ कांत ने G20 घोषणा पत्र को लेकर कहा कि सभी घोषणाएं बहुत बड़े स्तर पर प्रभावी होंगी. हमने वित्तपोषण पर हरित विकास समझौता किया है. इसके साथ ही सतत विकास लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना भी लक्ष्य है. महिला नेतृत्व वाले विकास पर ध्यान दिया जाना प्रमुख उपलब्धियों में से एक है. इसके अलावा G20 नेताओं का फोकस AI और साइबर सुरक्षा पर भी है.
कांत ने कहा, “G20 के इतिहास में भारत की अध्यक्षता सबसे महत्वाकांक्षी रही है. 112 परिणामों और अध्यक्षीय दस्तावेजों के साथ हमने पिछले अध्यक्षों से तीन गुना से अधिक महत्वपूर्ण काम किए हैं.” उन्होंने कहा, “नए भू-राजनीतिक पैराग्राफ आज की दुनिया में ग्रह, लोगों, शांति और समृद्धि के लिए एक शक्तिशाली आह्वान हैं.”
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