- NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में एसआईटी ने छह संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए हैं
- फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से वीर्य के अंश मिलने की पुष्टि हुई है, जो यौन उत्पीड़न का संकेत है
- पुलिस ने जांच के दौरान दो अधिकारियों को अनदेखी के आरोप में निलंबित कर दिया है
पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. मंगलवार को मामले में गठित एसआईटी टीम 6 संदिग्ध लोगों को डीएनए जांच के लिए गर्दनीबाग अस्पताल लेकर पहुंची. यहां मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सभी के डीएनए सैंपल लिए गए. डीएनए सैंपल लेने के बाद एसआईटी की टीम सभी 6 संदिग्धों को अपने साथ लेकर रवाना हो गई. बता दें कि बीते दिन फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें छात्रा के अंडरगारमेंट्स से मेल स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी है.
हर पहलू की बारीकी से जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले में अहम खुलासे होने की संभावना है और दोषियों तक जल्द पहुंचने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है. नीट छात्रा की मौत के मामले की जांच कर रही पुलिस ने रविवार को कहा कि छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक जांच में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जो उसके यौन उत्पीड़न का संकेत देते हैं. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाए गए वीर्य के अंशों से ‘डीएनए प्रोफाइल' हासिल करेगी.
दो पुलिस अधिकारी निलंबित
इस मामले में एक और घटनाक्रम में पटना पुलिस ने शनिवार देर रात कदमकुआं पुलिस थाने के अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर पुलिस थाने की प्रभारी एवं सब-इंस्पेक्टर रोशनी कुमारी को मामले में अनदेखी के आरोप में निलंबित कर दिया. जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट' की तैयारी कर रही थी और इस महीने की शुरुआत में चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी.
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छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या?
NEET छात्रा परीक्षा की तैयारी के लिए निजी हॉस्टल में रह रही थी. कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई. उसके परिवार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा था कि अधिकारी मामले को दबा रहे हैं। एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, 'छात्रा के उन कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जो उसने अस्पताल में भर्ती होने के समय पहने थे. ये कपड़े छात्रा के परिवार वालों ने 10 जनवरी को उपलब्ध कराए थे और पुलिस ने इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था. अब मामले की जांच कर रही एसआईटी वैज्ञानिक रिपोर्ट में पाए गए वीर्य से ‘डीएनए प्रोफाइल' प्राप्त करेगी. इसका मिलान गिरफ्तार आरोपियों और संदिग्धों के डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा.'
शरीर पर नाखूनों से खरोंच के निशान
छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गुप्तांगों पर चोट के निशान और शरीर पर नाखूनों से खरोंच के निशान पाए गए थे. उसकी मौत के बाद पटना में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया. डॉक्टरों की शुरुआती जांच में यह निष्कर्ष निकला कि उसकी मौत नींद की गोलियों के अत्यधिक सेवन के कारण हुई और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी. हालांकि, छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष भी निकाला गया कि घटना के पीछे ‘यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.'
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