- दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मीटिंग हुई, इसमें चारों राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए
- दिल्ली एनसीआर का दायरा घटाकर 100 किमी करने का प्रस्ताव नामंजूर किया गया
- एनसीआर में चार नमो सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, चारों राज्यों से प्रस्ताव मांगा गया
NCR Draft Regional Plan 2041: दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून की बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दायरा कम करने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया है. एनसीआर के क्षेत्र में कोई परिवर्तन नहीं होगा. हरियाणा सरकार ने 5 जिलों को इस बाहर करने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि बोर्ड में तय हुआ कि जो एरिया पहले से एनसीआर में है, वही आगे भी रहेगा. हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा किएनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एक सब कमेटी बनाई है, जो अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट देगी. एनसीआर बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर महीने में होगी. हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 नमो सिटी के लिए राज्यों से प्रस्ताव मांगा गया है.
दिल्ली में मंगलवार को 42वीं एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अहम बैठक हुई. इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश, राजस्थान के प्रतिनिधि बी शामिल हुए. इसमें एक बड़ा मुद्दा एनसीआर का एरिया कम करने का था. हरियाणा ने एनसीआर से उसके 5 जिले पानीपत, चरखी दादरी, जींद आदि को बाहर करने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि इसे मंजूरी नहीं मिली. अगर प्रस्ताव मंजूर होता तो दिल्ली एनसीआर का एरिया 100 किमी से कम हो जाता. दिल्ली एनसीआर (National Capital Region) के दायरे को छोटा करने का पूरा मुद्दा ड्राफ्ट क्षेत्रीय योजना 2041 (Draft Regional Plan-2041) से संबंधित है. इसमें एनसीआर से पांच जिले हटाने का प्रस्ताव हरियाणा ने रखा था.
चारों राज्यों से नमो सिटी का प्रस्ताव मांगा
जानकारी के मुताबिक, एनसीआर में चार ग्रीनफील्ड टाउनशिप यानी हरे-भरे शहर बनाने का प्रस्ताव है. सभी राज्यों से एक-एक ऐसी टाउनशिप को लेकर प्रस्ताव मांगा गया है. ये टाउनशिप कहां बनेंगी, इस पर चर्चा बाकी है.
एनसीआर के 100 किमी का नया नियम
एनसीआर अभी 24 जिलों में फैला है. इसमें दिल्ली की सीमा से करीब 150 से 175 किलोमीटर दूर तक का एरिया है. इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई जिले और दिल्ली के 11 जिले शामिल हैं.हरियाणा सरकार का कहना है कि एनसीआर के दायरे में आने के कारण तमाम बंदिशों के कारण इन जिलों में कुछ जरूरी परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही थीं.
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हरियाणा के इन 5 जिलों पर असर
एनसीआर में हरियाणा के 14 जिले हैं. 100 किलोमीटर के नियम की वजह से हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र 25327 वर्ग किलोमीटर से कम होकर सिर्फ 10546 वर्ग किमी रह जाता.इसमें करीब 60 फीसदी की कटौती होती, हालांकि अब ऐसा नहीं होगा.
हरियाणा के कौन से 5 जिले
अगर 100 किमी का फार्मूला लागू होता तो करनाल जो दिल्ली से करीब 120 किमी दूर है, जो नए दायरे से पूरी तरह बाहर हो सकता था. महेंद्रगढ़ जिला दिल्ली से करीब 112 किमी दूर होने से यह भी एनसीआर में नहीं रहता. दिल्ली से जींद (Jind) की दूरी 103-115 किमी है, उसकी कई तहसील भी बाहर हो जातीं. पानीपत दिल्ली से 88-95 किमी की सीमा पर है. उसका बड़ा इलाका 100 किमी के दायरे से बाहर हो जाता. दिल्ली से 107-108 किमी दूर भिवानी (Bhiwani)की तहसीलें ही एनसीआर में रह पातीं.
एनसीआर में किस राज्य के कितने जिले
हरियाणा (Haryana) : सबसे ज्यादा 14 जिले
- गुरुग्राम (Gurugram)
- फरीदाबाद (Faridabad)
- सोनीपत (Sonipat)
- रोहतक (Rohtak)
- झज्जर (Jhajjar)
- पानीपत (Panipat)
- पलवल (Palwal)
- रेवाड़ी (Rewari)
- नूंह / मेवात (Nuh)
- महेंद्रगढ़ (Mahendragarh)
- भिवानी (Bhiwani)
- चरखी दादरी (Charkhi Dadri)
- जींद (Jind)
- करनाल (Karnal)
उत्तर प्रदेश के 8 जिले एनसीआर में
- गौतमबुद्ध नगर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा)
- गाजियाबाद (Ghaziabad)
- हापुड़ (Hapur)
- मेरठ (Meerut)
- बुलंदशहर (Bulandshahr)
- बागपत (Baghpat)
- मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar)
- शामली (Shamli)
राजस्थान (Rajasthan) के केवल 2 जिले अलवर और भरतपुर दिल्ली-एनसीआर में आते हैं.
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