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This Article is From Nov 26, 2021

'कबूल है कबूल है....' के निकाहनामा से लेकर कब्रिस्तान तक..., नवाब मलिक के समीर वानखेड़े पर नए आरोप

नवाब मलिक का दावा है कि समीर वानखेड़े के पिता दलित हिंदू हैं जबकि मां मुस्लिम थीं, लेकिन उन्होंने मुस्लिम धर्म का ही अनुसरण किया, लेकिन इसके बावजूद नौकरी पाने के लिए उन्होंने अनुसूचित जाति के फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया और गरीब का हक मारा.

'कबूल है कबूल है....' के निकाहनामा से लेकर कब्रिस्तान तक..., नवाब मलिक के समीर वानखेड़े पर नए आरोप
नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर लगाए नए आरोप
मुंबई:

Aryan Khan Case: महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) लगातार समीर वानखेड़े (sameer wankhede) पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. ताजा मामले में उन्होंने एक नया दस्तावेज जारी किया है. उन्होंने समीर वानखेड़े की मां जाहिदा का डेथ सर्टिफिकेट शेयर किया है. इस सर्टिफिकेट के जरिए नवाब मलिक ने दावा किया कि जाहिदा को आशिवारा के कब्रिस्तान में दफनाया गया. उनके अंतिम संस्कार को लेकर भी वानखेड़े परिवार ने फर्जी दस्तावेज बनवाए. मलिक ने आरोप लगाया कि डेथ सर्टिफिकेट में उन्होंने हिंदू लिखा है और अंतिम संस्कार में धर्म मुस्लिम लिखा है.  पहला सर्टिफिकेट 16 अप्रैल 2015 को बनवाया गया था और दूसरा सर्टिफिकेट 17 अप्रैल को. नवाब मलिक ने इसी दस्तावेज को शेयर करते हुए लिखा है कि एक और फर्जीवाड़ा, अंतिम संस्कार के लिए मुसलमान और सरकारी दस्तावेज के लिए हिंदू, धन्य है.

बता दें कि कुछ दिन पहले ही नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े की तस्वीर ट्वीट की थी. इसके साथ ही उन्होंने लिखा था कि कबूल है, कबूल है, कबूल है..., यह क्या किया तुने Sameer Dawood Wankhede ? इसमें समीर वानखेड़े किसी मौलवी के साथ बैठे नजर आ रहे हैं जो कि एक पेपर पर साइन करवा रहे हैं. जिस कागज पर दस्तखत किए जा रहे हैं उसे निकाहनामा बताया जा रहा है.

नवाब मलिक का दावा - एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के नाम पर बार लाइसेंस 
बता दें कि कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर निशाना साधा और दावा किया कि वानखेड़े के पास नवी मुंबई के वाशी में एक रेस्तरां और बार है जिसके लिए 1997 में लाइसेंस प्राप्त किया गया था जब वह नाबालिग थे. मलिक ने इसे अवैध करार दिया. मलिक ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई जोन के निदेशक के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नौकरी में होने के बावजूद वानखेड़े के पास बार चलाने करने का लाइसेंस है जो सेवा नियमों के खिलाफ है. हालांकि, वानखेड़े ने मलिक के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह मंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे.

नवाब मलिक का दावा है कि समीर वानखेड़े के पिता दलित हिंदू हैं जबकि मां मुस्लिम थीं, लेकिन उन्होंने मुस्लिम धर्म का ही अनुसरण किया, लेकिन इसके बावजूद नौकरी पाने के लिए उन्होंने अनुसूचित जाति के फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया और गरीब का हक मारा. आर्यन खान केस को लेकर भी नवाब मलिक ने कहा कि ये पूरा मामला उगाही का है. इसके लिए उन्होंने कई सबूत भी सामने रखे.

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