- इस साल मॉनसून की औसत बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत कम रहने की संभावना है
- मौसम विभाग के अनुसार भारत के मध्य और उत्तर क्षेत्र के कई राज्यों में मॉनसून सामान्य से कम बारिश करेगा
- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में बारिश में कमी देखी जा सकती है
दिल्ली एनसीआर समेत देशभर के ज्यादातर राज्यों में गर्मी ने दस्तक दे दी है. पिछले हफ्ते वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से हुई बारिश ने जहां मौसम सुहावना कर दिया था, वहीं अब तेजी से तापमान में इजाफा हो रहा है और लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है. ऐसे में जो लोग मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए मौसम विभाग ने चिंता की बात बताई है. मौसम विभाग ने मॉनसून-2026 के लिए अपना पूर्वानुमान जारी कर दिया. इसके अनुसार इस साल बारिश सामान्य से कम होगी. अगर आप जानना चाहते हैं कि इस साल आपके इलाके में कितनी बारिश होगी, तो यह खबर आपके लिए ही है.
कितनी होगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल जून से सितंबर के मॉनसून सीजन में औसत बारिश (LPA) 92 फीसदी रहने का अनुमान है. यानी इस साल सामान्य से 8 फीसदी तक कम बारिश होगी. 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में मॉनसून की औसत बारिश 87 सेमी मानी जाती है. इस बार यह आंकड़ा 92% के आसपास ही सिमट सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान और नक्शे के अनुसार, बारिश का वितरण पूरे देश में एक समान नहीं रहेगा. यानी देश के अलग-अलग हिस्सों में कम या ज्यादा बारिश होगी.

कहां होगी कम बारिश?
देश के ज्यादातर हिस्सों में इस बार बादल कम बरसेंगे. मध्य भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों में सामान्य से नीचे बारिश होने की सबसे ज्यादा संभावना है.
- पंजाब, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में बारिश में कमी देखी जा सकती है.
- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मॉनसून कमजोर रह सकता है.
- गुजरात और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बारिश सामान्य से कम होने का अनुमान है.
कहां-कहां होगी अच्छी बारिश?
- मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीप के हिस्सों में अच्छी बारिश होगी.
- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.
- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: दक्षिण भारत के कुछ राज्यों जैसे केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य रहने का अनुमान है.

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आखिर इस साल मॉनसून क्यों पड़ रहा है कमजोर?
मौसम विभाग ने इस कम बारिश के पीछे मुख्य वजह प्रशांत महासागर में हो रहे बदलावों को बताया है. फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में कमजोर 'ला नीना' (La Nina) की स्थिति तटस्थ स्थिति में बदल रही है. वहीं मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान 'अल नीनो' जैसी स्थितियां विकसित होने की संभावना है.अमूमन 'अल नीनो' का भारतीय मॉनसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
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