केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी की कंपनी और एक रेत खनन कंपनी के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों के दौरान ईडी के अधिकारियों पर बुधवार को हमला किया गया. वहीं, छापेमारी के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया. ईडी अधिकारियों द्वारा छापेमारी पूरी करने और परिसर छोड़ने के बाद विजयन के घर के बाहर हिंसा भड़क उठी. विजयन के घर के बाहर संदिग्ध माकपा कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों को ले जा रहे वाहन समेत कम से कम तीन वाहनों पर हमला किया, जबकि पुलिस हिंसक भीड़ को रोकने में नाकाम रही. वाहन में एक महिला समेत ईडी के छह अधिकारी सवार थे.
300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज 5 गिरफ्तार
ईडी अधिकारियों पर हुए हमले के संबंध में पुलिस ने लगभग 300 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं. अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. यह मामला ईडी के एक सहायक निदेशक की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है. एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर घातक हथियारों से लैस होकर ईडी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया. एफआईआर में कहा गया है कि हिंसा के दौरान अधिकारियों की हत्या के नारे लगाए गए. इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि ईडी अधिकारियों को ले जा रही गाड़ी पर हमला किया गया, एक अधिकारी लाठियों से घायल हो गया और ड्राइवर पर ईंटों से हमला करने का प्रयास किया गया. बीच-बचाव करने वाले पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों पर भी कथित तौर पर पत्थर और लाठियों से हमला किया गया.
'300 की भीड़ घेरकर बोली इनको मार डालो', ED ने दर्ज कराई FIR
कोच्चि में ईडी की टीम जब छापेमारी करने पहुंची, तो अक्षय कुमार की फिल्म 'रेड' का वो सीन याद आ गया, जिसमें ईडी के अधिकारी एक नेता के घर छापेमारी के लिए पहुंचते हैं और कार्यकर्ता उन पर हमला कर देते हैं. छापेमारी के बाद ईडी के अधिकारी पूर्व सीएम विजयन के घर से बाहर निकले, तो सीपीआई (एम) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया. भड़के लोगों ने कारों के शीशे तोड़ दिये. इस दौरान कुछ लोग कहते हुए सुने गए- 'मार डालो इनको... खत्म कर दो इनका, यहां से जाने मत दो.' बड़ी मुश्किल से ईडी की टीम यहां से निकल पाई. शिकायत के अनुसार, करीब 300 लोगों की भीड़ ने ईडी की टीम को घेर लिया, पत्थर और ईंटें फेंकी और अधिकारियों पर हमला किया. ईडी ने इस मामले में अब एफआईआर दर्ज कर ली है.
ED ने 242 खातों में जमा 18.36 करोड़ रुपये किये फ्रीज
ईडी ने देर रात एक बयान जारी करके कहा कि तलाशी अभियान के दौरान पहचाने गए लगभग 242 खातों में जमा 18.36 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं. बरामद सबूतों की जांच की जा रहा है. हालांकि, एजेंसी ने इन खातों के मालिक का खुलासा नहीं किया. छापेमारी के दौरान परिसर में आठ केंद्रीय सुरक्षाकर्मी तैनात थे. माकपा के वरिष्ठ नेता के आवास पर छापेमारी की खबर सुनकर पार्टी कार्यकर्ता और सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता विजयन के घर के बाहर जमा हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया.
ईडी ने छापेमारी के दौरान नहीं मांगी स्थानीय पुलिस की मदद
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया, "प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बारे में गृह विभाग और केरल पुलिस को पहले से कोई जानकारी नहीं थी. हमें सूचित नहीं किया गया था और न ही पुलिस की सहायता मांगी गई थी. ईडी ने छापेमारी करने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल किया.

भाजपा बोली- हिंसा भ्रष्ट लोगों का आखिरी सहारा
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने ईडी अधिकारियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे कानून के शासन पर हमला बताया. भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने एक पोस्ट में कहा, "हिंसा भ्रष्ट लोगों का आखिरी सहारा है. पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास के बाहर आज ईडी अधिकारियों और उनके वाहन पर हुए शर्मनाक हमले से माकपा की जवाबदेही को लेकर असहजता उजागर होती है."
भाजपा विधायक ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला करना और जांच में बाधा डालना राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि यह कानून के शासन पर प्रहार है. उन्होंने आरोप लगाया, "हमेशा की तरह, कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपने राजनीतिक सहयोगी माकपा को बचाने के लिए चुप्पी साधे हुए है." चंद्रशेखर ने कहा कि केरल के लोगों को सच्चाई जानने का हक है. उन्होंने कहा, "कोई नेता, कोई पार्टी और कोई पूर्व मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है."
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ईडी की छापेमारी के बाद क्या बोले पिनराई विजयन
इससे पहले, जब विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी जारी थी, तब आक्रोशित माकपा कार्यकर्ताओं ने परिसर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हेलमेट, प्लास्टिक की बोतलें और पत्थर फेंके. विजयन ने आरोप लगाया कि उनके परिसर में ईडी की तलाशी देश भर में विपक्षी नेताओं के खिलाफ लक्षित कार्रवाई का हिस्सा है. बेकरी जंक्शन स्थित उनके घर पर ईडी अधिकारियों की घंटों चली तलाशी के बाद पत्रकारों से बातचीत में विजयन ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां उन्हें या माकपा को कमजोर नहीं कर सकेंगी. उन्होंने कहा, "यह तो बस शुरुआत है. किसी को भी इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि ऐसी कार्रवाई से हमें डराया या कमजोर किया जा सकता है."
बता दें कि ईडी ने यह छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज किए जाने के एक दिन बाद की गई, जिसमें कंपनी ने मामले में ईडी की कार्यवाही रद्द करने का अनुरोध किया था. अदालत के फैसले के बाद केंद्रीय एजेंसी को जांच जारी रखने की अनुमति मिल गई. ईडी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 2024 में दर्ज मामले में आरोप है कि सीएमआरएल ने 2017 से 2020 के बीच वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की थी.
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