केंद्र सरकार की सख्ती के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अवैध और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ एक्शन तेज होता दिख रहा है. इस बीच अब मेटा ने जानकारी दी है कि पिछले छह महीनों के दौरान भारत में करीब 1.60 लाख संदिग्ध अकाउंट हटाए गए हैं. कंपनी का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण और ऑनलाइन अपराधों पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके.
मेटा के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर चलने वाले विज्ञापनों की भी जांच की जाती है, ताकि किसी भी तरह की आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामग्री को बढ़ावा न मिले. हाल में केंद्र सरकार ने मेटा को नोटिस भेजकर पूछा था उसके प्लेटफॉर्म्स पर यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और ऐसे नेटवर्क को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं. इस नोटिस के बाद कंपनी ने अब जानकारी शेयर की है.
बच्चों के शोषण को बताया भयानक अपराध
बच्चों के शोषण को एक भयानक अपराध बताते हुए मेटा ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर और उसके बाहर भी इस तरह के शोषण से निपटने के लिए हर दिन ज़ोर-शोर से काम करती है. कंपनी ने कहा, "हमें भारत में इंस्टाग्राम विज्ञापनों के बारे में हालिया खबरों की जानकारी है, जिन्होंने बच्चों के शोषण के खिलाफ हमारी पॉलिसी का उल्लंघन किया है, और हम यह साफ करना चाहते हैं: हम इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं, हम कभी नहीं चाहते कि हमारे प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट हो, और हम इससे निपटने के अपने प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
पिछले साल ऐसे 40 लाख से ज़्यादा अकाउंट्स हटाए
मेटा ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि वह जानबूझकर और सोच-समझकर ऐसे विज्ञापन लोगों को दिखाती है जिनमें बच्चे हों और जो किसी गलत दिलचस्पी पर आधारित हों. मेटा ने कहा, "इसके बिल्कुल उलट, हम ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं जो बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि वाले अकाउंट्स की पहचान करती है, और हमने पिछले साल ऐसे 40 लाख से ज़्यादा अकाउंट्स को अपने-आप हटा दिया था."
कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में हेडक्वार्टर वाली टेक्नोलॉजी कंपनी मेटा, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मालिक है. मेटा ने कहा कि इन मामलों के उसके ध्यान में आने से पहले ही, उसके एनफोर्समेंट सिस्टम ने पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कई विज्ञापनों और उनके पीछे के अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें डिसेबल कर दिया था.
बच्चों के शोषण से जुड़े 3.6 करोड़ कंटेंट हटाए
कंपनी ने कहा, "हमारी बाद की जांच के कारण और भी कदम उठाए गए, जैसे कि और विज्ञापनों को हटाना, अकाउंट्स को डिसेबल करना और पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कंटेंट से जुड़े URL को ब्लॉक करना." सोशल मीडिया कंपनी के अनुसार, बच्चों के शोषण से जुड़े 3.6 करोड़ कंटेंट भी हटाए गए.
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