Impact Of AI On Youth Thinking : मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से अपने पैर पसार रहा है. इसका अब असर धीरे-धीरे समाज पर भी दिखाई देने लगा है, खासकर AI को लेकर युवाओं का नजरिया तेजी से बदल रहा है. Pew Research Center की नई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 30 साल से कम उम्र के ज्यादातर लोग अब रोजमर्रा की जिंदगी में AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर उत्साहित होने के बजाय चिंतित हैं. रिपोर्ट बताती है कि AI को लेकर यह चिंता सभी उम्र के लोगों में बढ़ी है, लेकिन युवाओं में इसका बदलाव खासतौर पर ज्यादा देखने को मिला है.
55% युवा AI को लेकर ज्यादा चिंतित
रिपोर्ट के अनुसार, 30 साल से कम उम्र के करीब 55% अमेरिकी एडल्ट्स कहते हैं कि वे AI को लेकर उत्साहित होने के बजाय ज्यादा चिंतित हैं. 2021 में जब Pew Research Center ने पहली बार यह सवाल पूछा था, तब की तुलना में यह आंकड़ा 24 फीसदी बढ़ा है. इस दौरान करीब 10 फीसदी युवा AI को लेकर ज्यादा उत्साहित हैं, जबकि लगभग एक-तिहाई लोगों का कहना है कि वे इसके फायदे और नुकसान को लेकर बराबर उत्साहित और चिंतित हैं. इस दौरान दूसरे आयु वर्गों में चिंता का स्तर काफी ज्यादा है. 30 से 49 साल के 51%, 50 से 64 साल के 47% और 65 साल से ज्यादा उम्र के 59% लोग AI को लेकर ज्यादा चिंतित हैं.
नौकरी जाने का डर बढ़ा
युवा फिलहाल नौकरी को लेकर ज्यादा चिंतित हैं. 73% युवा एडल्ट्स का मानना है कि अगले दो दशकों में AI की वजह से नौकरियां कम हो सकती हैं. 2024 में ऐसा मानने वालों की संख्या 61% थी. सभी उम्र के लोगों को मिलाकर करीब 71% अमेरिकी मानते हैं कि AI भविष्य में नौकरियां कम करेगा. 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग इस संभावना को सबसे कम मानते हैं. हालांकि इस समूह में भी यह आंकड़ा 63% है.
युवाओं की भर्ती में भी आई कमी
Axios-Generation Lab सर्वे के मुताबिक, 18 से 34 साल की उम्र के करीब 27% अमेरिकी मानते हैं कि AI की वजह से उन्होंने या उनके किसी जानने वाले ने नौकरी गंवाई है. वहीं, कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने वाले 29 साल से कम उम्र के युवाओं में बेरोजगारी दर कोविड से पहले के 3.1% से बढ़कर 2022 के बाद 3.7% हो गई है.
हालांकि, रिसर्च यह भी बताती है कि AI की वजह से नौकरियां जाने के मामले लोगों की धारणा से काफी कम हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, AI से जुड़ी डरावनी खबरों और बड़े पैमाने पर नौकरी जाने की भविष्यवाणियों का लोगों की सोच पर असर पड़ रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि रिमोट वर्क और युवा कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने में कंपनियों की घटती रुचि भी उनकी कम भर्ती की वजह हो सकती है.
युवाओं को समाज और क्रिएटिविटी की चिंता
युवाओं को डर है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से इंसानी जुड़ाव और क्रिएटिविटी कम हो सकती है. यानी जहां कंपनियां AI के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं, वहीं युवा इसके सामाजिक और रोजगार संबंधी प्रभावों को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं.
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