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राहुल के मेलोनी विवाद पर सियासी घमासान : केंद्र क्या बोली, कांग्रेस-BJP भी आमने-सामने

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मेलोनी विवाद के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. जुबानी जंग तो शुरू हो ही चुकी है, सोशल मीडिया पर भी एक दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है.

राहुल के मेलोनी विवाद पर सियासी घमासान : केंद्र क्या बोली, कांग्रेस-BJP भी आमने-सामने
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर विवाद
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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली के मुगल कर हाल में आयोजित कांग्रेस कन्वेंशन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को लेकर कई ऐसे बयान दिए, जिनको लेकर विवाद शुरू हो चुका है. उन्होंने भारत की विदेश नीति पर भी कटाक्ष किया जिसे लेकर केंद्र सरकार भी उन पर हमलावर है.

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

गुरुवार को संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन था. उसी दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस को भारत की कोई समझ नहीं है.

इसके अलावा, राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति को लेकर कहा, "पता नहीं इन लोगों को किसने कहा कि फॉरेन पॉलिसी इसे कहते हैं." यह बोलते ही राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगा लिया. इसके बाद संदीप दीक्षित ने भी तंज करते हुए कहा, "क्या मेलोनी समझकर तो नहीं पड़ा था?" इस पर राहुल गांधी ने कहा, "नहीं-नहीं, मैं अभी यहां तक नहीं पहुंचा हूं."

केंद्र सरकार ने क्या कहा?

इस बयान पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया आई है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इटली के साथ हमारे संबंध काफी मजबूत हैं और हम इन्हें और मजबूत करना चाहते हैं. जब दो देशों के बीच दोस्ती और द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र होता है तो यह ज़रूरी है कि उन्हें आपसी सम्मान और समझ के दायरे में बनाए रखा जाए।

बीजेपी नेताओं ने कैसे निशाने पर लिया?

बीजेपी के कई नेताओं ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया. जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर पलटवार कते हुए एक्स पर कहा कि ऐसा नेता विपक्ष देखना ही बाकी रह गया था, यह देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए भी यह कितने दुख की बात होगी कि उन्हें राहुल गांधी को अपना नेता मानना ​​पड़ रहा है.

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को समझना होगा कि जो व्यक्ति भारत की संस्कृति का नहीं, जो भारत के संस्कारों का नहीं, वह भारत को क्या समझ पाएगा? संसद के पटल पर जिस प्रकार का व्यवहार, आचरण और अशिष्टता कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं द्वारा दिखाई जाती है, वह स्पष्ट रूप से बताती है कि वे हताशा और निराशा में हैं।

वहीं पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी ने बिना नाम लिए राहुल पर पलटवार करते हुए कहा कि ऊंचाई तक पहुंच न पाए, अभद्र व्यवहार करते हैं. तर्कों से जो हार गए वो मर्यादा तार-तार करते हैं. माना जा रहा है क उनका इशारा राहुल गांधी की ओर था. 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राजनीति में मतभेद और असहमति अपनी जगह है, लेकिन राहुल गांधी की भाषा से अब उनके पालन-पोषण और संस्कारों पर सवाल खड़ा होने लगा है. उन्होंने कहा कि जिस परिवार की महिलाएं देश में उच्चतम पदों पर रहीं, ऐसे परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल गांधी द्वारा एक महिला राष्ट्राध्यक्ष के बारे में ऐसी अशोभनीय टिप्पणी करना उनकी मानसिकता को दिखाता है.

वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर पीएम मोदी और देश के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी से थोड़ा मैच्योरिटी दिखाने को कहा. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे? देश को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है, न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की. लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना ये साबित करता है कि आपकी समझ बहुत कम है.

बीजेपी शासित मुख्यमंत्री भी हमलावर

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर लिखा- राहुल गांधी जी, विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठकर जिस तरह का अमर्यादित आचरण आपने दिखाया है, वह पूरे लोकतांत्रिक विमर्श को शर्मसार करता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ जिस तरह की अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग आपने किया, वह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मर्यादा, भाषा और लोकतांत्रिक संस्कारों से समझौता नहीं किया जा सकता। देश आपसे अमर्यादित आचरण के लिए सार्वजनिक माफी की अपेक्षा करता है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विकृत सोच से ग्रसित राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक मर्यादा को कलंकित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। एक महिला होने के नाते यह देखकर और भी पीड़ा होती है कि एक महिला राष्ट्राध्यक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही हो और मंच पर बैठे अन्य नेता एक स्वघोषित युवा तुर्क के इस अशोभनीय बयान पर खिलखिलाने लग जाएं! यह अभद्र स्थिति आक्रोश पैदा करती है।

रेखा गुप्ता ने आगे लिखा कि हेडलाइन की खोज में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की संवेदनशीलता तक को दांव पर लगा देना गैर-जिम्मेदारी की पराकाष्ठा है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का चरित्र पूरा देश देख रहा है और अब तो विदेश भी।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी एक लंबी पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर कई सवाल दागे. उन्होंने लिखा- राहुल गांधी की भाषा और राजनीतिक आचरण का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री और इटली की राष्ट्राध्यक्ष जैसी संवैधानिक एवं सम्मानित शख्सियतों के लिए जिस तरह की आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है, वह किसी भी सभ्य लोकतांत्रिक और राजनीतिक संस्कृति के लिए शर्मनाक है। देश की जनता सब देख रही है, शब्द भी, संस्कार भी और सोच भी। यही कारण है कि जनता ने बार-बार राहुल गांधी की राजनीति को नकारा है और आगे भी उनके अहंकार, अमर्यादित भाषा और नकारात्मक राजनीति को करारा जवाब देती रहेगी।

कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?

एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने इस घटना पर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "अगर इस मुद्दे पर चर्चा करनी है तो सबसे पहले मोदी जी के संसद में दिए गए शूर्पणखा रिमार्क की भी चर्चा करो, बिलकिस बानो केस में बीजेपी ने दोषियों का जो सम्मान किया, उस पर भी चर्चा करो, गुरमीत राम रहीम को जो बार-बार पेरोल मिलती है उसका भी ज़िक्र करो.

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