- PM मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर पहली बार मतदाता बनने को उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया
- उन्होंने कहा कि ऐसा करने से वोटिंग के प्रति लोगों में जागरूकता और मतदाता होने की भावना सशक्त होगी
- मोदी ने मतदाता को लोकतंत्र की आत्मा बताया और इसे जीवन का महत्वपूर्ण माइलस्टोन करार दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के अवसर पर देशवासियों से आह्वान किया है कि पहली बार मतदाता बनने पर उसे उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए. उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में कहा कि ऐसे उत्सव मनाए जाने से वोटिंग के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ेगी. साल 2026 के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी को हम सभी 'गणतंत्र दिवस' का पर्व मनाएंगे. इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था. 26 जनवरी का ये दिन हमें अपने संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है. आज 25 जनवरी का दिन भी बहुत अहम है. आज 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' है.'
तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड में कहा कि भारत के लोग बेहद इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ लेते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थानीय लोगों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का जिक्र कर जन-भागीदारी की ताकत पर जोर दिया.
पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली तमसा नदी कभी स्थानीय लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी. लेकिन, आजमगढ़ के लोगों ने एकजुट होकर नदी की सफाई अभियान चलाया, किनारों पर पेड़ लगाए और नदी को नया जीवन दिया. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में लंबे समय से सूखे की समस्या थी. यहां 'अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट' के तहत स्थानीय लोगों ने करीब 10 जलाशयों को साफ किया और पुनर्जीवित किया. उन्होंने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण हुआ, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पूरा इकोसिस्टम निखर उठा. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आजमगढ़ हो या अनंतपुर, ये देखकर खुशी होती है कि लोग एकजुट होकर संकल्प लेते हैं. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है." उन्होंने जोर दिया कि ऐसी छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव लाती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन-भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है.
भारत के त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. दुनिया भर में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं. देश के लोग जहां भी हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं. इन स्कूलों में तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है. इसके अलावा, यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.
...तो पूरा मोहल्ला अभिनंदन करे
पीएम मोदी ने कहा, "जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं और उसे सेलिब्रेट करते हैं, ठीक उसी तरह जब भी कोई युवा पहली बार मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करे और मिठाइयां बांटी जाएं. इससे लोगों में वोटिंग के प्रति जागरुकता बढ़ेगी. इसके साथ ही यह भावना और सशक्त होगी कि एक वोटर होना कितना मायने रखता है.'
मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा
पीएम मोदी ने कहा कि मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है. आमतौर पर जब कोई 18 साल का हो जाता है और मतदाता बन जाता है तो उसे जीवन का एक सामान्य पड़ाव समझा जाता है. लेकिन, ये अवसर किसी भी भारतीय के जीवन का बहुत बड़ा माइलस्टोन होता है. इसी बीच, पीएम मोदी ने आह्वान करते हुए कहा, 'बहुत जरूरी है कि हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं.'
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इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े रहने वाले लोगों की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा, 'देश में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े रहने वाले लोग लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर काम करते हैं, मैं उन सभी की बहुत सराहना करना चाहूंगा. आज 'मतदाता दिवस' पर मैं अपने युवा साथियों से फिर आग्रह करूंगा कि वे 18 साल का होने पर वोटर के रूप में खुद को जरूर रजिस्टर करें.'
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