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'तू किसी काम का नहीं...' बेंगलुरु की मणिपाल एकेडमी में बिहार के छात्र की खुदकुशी पर बवाल, फैकल्टी पर प्रताड़ना का आरोप

बेंगलुरु के मणिपाल एकेडमी में प्रताड़ना से तंग आकर 24 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली. पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

'तू किसी काम का नहीं...' बेंगलुरु की मणिपाल एकेडमी में बिहार के छात्र की खुदकुशी पर बवाल, फैकल्टी पर प्रताड़ना का आरोप
  • बेंगलुरु की मणिपाल एकेडमी के अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक अपमान के गंभीर आरोप लगे हैं
  • बिहार के 23 वर्षीय छात्र चुन्नू कुमार ने कथित प्रताड़ना के कारण आत्महत्या कर ली है
  • छात्र के परिवार ने मैनेजमेंट और फैकल्टी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है और आरोप लगाए हैं
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बेंगलुरु में मणिपाल एकेडमी के अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक अपमान के गंभीर आरोप सामने आए हैं. ये आरोप बिहार के 23 वर्षीय एक छात्र की मौत के बाद लगे हैं. छात्र के परिवार का दावा है कि संस्थान के मैनेजमेंट और फैकल्टी के लगातार दबाव और प्रताड़ना के कारण छात्र ने आत्महत्या कर ली. छात्र के परिवार ने इस मामले में एकेडमी के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. परिवार का आरोप है कि छात्र को एकेडमी के अधिकारियों द्वारा बार-बार अपमानित किया गया, उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

एकेडमी अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज

पीड़ित के पिता मुन्ना कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि चुन्नू कुमार ने मार्च 2026 में बैंकिंग कोचिंग के लिए मणिपाल एकेडमी ऑफ BFSI में दाखिला लिया था और वह बेंगलुरु के चोक्कनहल्ली स्थित एकेडमी के हॉस्टल में रह रहा था. शिकायत में HOD चंद्रशेखर कन्हैया, शिक्षिका सुनिताश्री जगताप, प्रोग्राम हेड वेंकटेश के.वी. और एकेडमी मैनेजमेंट के अन्य सदस्यों को इस मामले में आरोपी बनाया गया है.

'छात्र को अपमानित करती थी फैकल्टी'

शिकायत के अनुसार, चुन्नू कुमार के सहपाठियों और दोस्तों ने परिवार को बताया कि कुछ विषयों की परीक्षा में फेल होने के बाद छात्र को बार-बार निशाना बनाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि फैकल्टी सदस्यों ने क्लास में उसका सार्वजनिक रूप से अपमान किया, उसे 'किसी काम का नहीं' कहा, उस पर प्रोजेक्ट वर्क का अत्यधिक बोझ डाला और कई मौकों पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया.

FIR में आगे कहा गया है कि चुन्नू कुमार ने एकेडमी अधिकारियों के कथित बर्ताव के कारण हो रही गंभीर भावनात्मक पीड़ा के बारे में अपने कई दोस्तों से बात की थी. उसके रूममेट अंकित शर्मा ने परिवार को बताया कि लगातार अपमान और दबाव के कारण चुन्नू कुमार अक्सर डिप्रेशन में चला जाता था. उसने कई बार उसे सांत्वना देने की कोशिश की और उसे हिम्मत बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया.

फंदे से लटक कर दी जान

शिकायत के अनुसार, 18 मई को चुन्नू कुमार अपने दोस्त निखिल तिवारी के साथ एक परीक्षा देने गया था. इस दौरान वह दोपहर करीब 12:30 बजे बीच में ही परीक्षा छोड़कर अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया. बाद में शाम को, जब उसका रूममेट अंकित शर्मा शाम 5:30 बजे से 6:00 बजे के बीच कमरे में लौटा, तो उसने दरवाजा अंदर से बंद पाया. बार-बार कॉल करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने बालकनी की खिड़की से अंदर झांका और चुन्नू कुमार को कमरे के अंदर लटका हुआ पाया.

FIR में घटना के बाद एकेडमी के स्टाफ के रवैये पर भी शक जाहिर किया गया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट ने तुरंत पुलिस को जानकारी नहीं दी, बल्कि अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही उन्होंने खुद ही शव को कमरे से हटा दिया.

पीड़ित के दोस्तों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान का मैनेजमेंट छात्रों पर दबाव डाल रहा था और उन्हें धमका रहा था, ताकि वे शिकायत दर्ज न करें या इस घटना के बारे में खुलकर बात न करें. शिकायत के आधार पर, पुलिस ने कोथानूर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली है और छात्र की मौत से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी है.

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