- मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने परिवार की जिम्मेदारियों की वजह से राष्ट्रपति के ADC पद से रिटायरमेंट लिया
- मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया कि राष्ट्रपति के ADC को शादी की अनुमति नहीं होती है
- उन्होंने कहा कि सेना की वर्दी पहनना उनके जीवन का सपना था, लेकिन उन पर परिवार को खुद से ऊपर रखा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ साये की तरह रहने वाले उनके ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल आखिर 30 साल की उम्र में रिटायर क्यों हो गए, इस सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहता है. आखिर उन्होंने ये फैसला क्यों लिया. इस सवाल का जवाब अब सामने आ गया है. ऋषभ सिंह सांब्याल ने खुद इस सवाल का जवाब एक पॉडकास्ट में दिया है. उन्होंने अचानक लिए इस फैसले के पीछे की वजह सार्वजनिक तौर पर बताई है.
ऋषभ ने खुलकर बताया कि राष्ट्रपति के ADC को कौन-कौन से त्याग करने पड़ते हैं. साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते लिया, इसमें उनका पर्सनल सेटिस्फेक्शन नहीं था. ऋषभ ने कहा कि उनको अपनी ड्यूटी और परिवार के बीच के बीच एक का चुनाव करना था, ये फैसला उनके लिए बहुत मुश्किल था.
राष्ट्रपति के ADC का पद छोड़ने की वजह
ऋषभ ने कहा कि सेना की यूनिफॉर्म पहनना उनके लिए एक सपने जैसा था.इस सपने को सच करने के लिए उन्होंने अपनी लाइफ के 10 साल दे दिए. ये सपना सच होने के बाद उन्होंने सेना छोड़ने के बारे में कभी सोचा नहीं था. सेना की वर्दी पहनना उनके लिए सिर्फ करियर नहीं बल्कि एक जीवनभर का सपना सच होने जैसा था. वे एक ऐसे दोराहे पर खड़े थे, जहां एक तरफ उनकी खुद की इच्छा और दूसरी तरफ माता-पिता के लिए उनकी जिम्मेदारियां थीं. ऐसे में उनको किसी एक को चुनना था. उन्होंने खुद के बजाय अरने माता-पिता के साख रहने को चुना.
Major RISHABH SINGH SAMBYAL about honourable PRESIDENT.✨♥️
— anay (@anaygond26) September 11, 2026
Mother child duo✨🏳️ pic.twitter.com/KpRitkfuRV
परिवार के साथ बातचीत के बाद लिया फैसला
उन्होंने बताया कि दोनों में से किसी एक का चुनाव करना उनके लिए बहुत मुश्किल था. हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई जल्दबाजी नहीं की बल्कि अपने परिवार के साथ बातचीत के बाद ही ये फैसला लिया. उन्होंने कहा के ये त्याग उनके लिए बहुत जरूरी था.
राष्ट्रपति के ADC को शादी की इजाजत नहीं
मेजर ऋषभ सांब्याल से जब उनके सबसे बड़े बलिदान के बारे में पूछा गया, जो उन्होंने देश के राष्ट्रपति के एडीसी बनने के लिए किया . इस पर उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के एडीसी के रूप में उनको सख्त प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ा, जिसकी वजह से उनकी पर्सनल लाइफ सिमट गई. सबसे बड़ी पाबंदी ये थी कि राष्ट्रपति के ADC अपने कार्यकाल के दौरान शादी नहीं कर सकते. उनको शादी करने की इजाजत नहीं होती है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि न तो उन्होंने अभी शादी की है और न ही उनका फिलहाल शादी का कोई प्लान है. दरअसल उनके रिटायरमेंट के फैसले के बाद ये अफवाह तेज थी कि उन्होंने शादी की वजह से ये फैसला लिया है.

'राष्ट्रपति मुझे मेरी मां जैसी लगीं'
हालांकि मेजर ऋषभ ने ये जरूर माना कि इस ड्यूटी में अकेलापन था. राष्ट्रपति के एडीसी के तौर पर उनको अपने परिवार से लंबे समय तक दूर रहना पड़ता था. पर्सनल लाइफ के लिए समय कम मिलता था. वह कम समय के लिए अपने घर जाते थे. हालांकि जब वह पहली बार राष्ट्रपति से मिले तो उनको लगा कि जैसे उनके सामने उनकी अपनी मां खड़ी हैं.
ऋषभ ने बताया कि साल 2014 में उन्होंने NDA जॉइन किया.तब से वह कभी अपनी मां के साथ नहीं रहे.वह कुछ ही दिनों के लिए घर जाते थे. लेकिन एडीसी के तौर पर उन्होंने राष्ट्रपति के साथ तीन साल का समय बिताया. उनका नेचर बहुत ही सहज था.उनके साथ रहकर उनको अपनी मां की याद काफी हद तक कम आई.
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