Lucknow Metro Major Expansion Second Phase Routes : लखनऊ में रहने वालों के लिए ट्रैफिक से छुटकारे की सबसे बड़ी खबर सामने आई है. अब रोज जाम में फंसने और घंटों की थकान से राहत मिलने वाली है, क्योंकि शहर में मेट्रो का ऐसा मेगा विस्तार होने जा रहा है, जो पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तस्वीर बदल देगा. ये लखनऊ वालों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है.
अगर आप रोज-रोज के ट्रैफिक जाम, ऑटो-टेंपो के धक्के और चिलचिलाती धूप या बारिश में सफर करके थक चुके हैं, तो अब आने वाले दिन बदलने वाले हैं. लखनऊ मेट्रो का एक ऐसा महाविस्तार होने जा रहा है, जिसके बाद इसका नेटवर्क रेलवे से भी बड़ा हो जाएगा.
मेट्रो के सेकंड फेज के लिए जमीनी काम शुरू हो चुका है. टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही इसी साल जुलाई से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे अगले 10 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
इस विस्तार के तहत कुल 150 किलोमीटर का नया मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा और शहर में 10 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इस रिपोर्ट को शासन को भेजा गया था, जिसे सरकार से मंजूरी मिल गई है. अब मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसकी विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार कर रहा है और खुद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के जरिए इसकी निगरानी कर रहे हैं.
किन-किन इलाकों को जोड़ेगी नई मेट्रो?
मेट्रो की ओर से कराए गए सर्वे के आधार पर जो नया प्रस्ताव तैयार हुआ है, उसमें शहर के आसपास के लगभग सभी बड़े इलाकों को कवर किया जाएगा.
इन रूटों पर होगा विस्तार: एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया वाली मौजूदा लाइन को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा अयोध्या रोड पर बाराबंकी तक, सीतापुर रोड पर इटौंजा तक, कानपुर रोड पर उन्नाव तक, हरदोई रोड पर संडीला तक और इसके साथ ही पीजीआई व मोहनलालगंज तक मेट्रो पहुंच जाएगी.
ये इलाके होंगे कवर: इस महाविस्तार से पीजीआई, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, बंथरा, राजाजीपुरम, काकोरी, दुबग्गा, मलिहाबाद, रहीमाबाद, कमता, चिनहट, मटियारी, बीबीडी, तिवारीगंज, सफेदाबाद, मड़ियांव, केशवनगर, आईआईएम, बृज की रसोई, बख्शी का तालाब और जानकीपुरम जैसे दर्जनों इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे करीब 35 से 40 लाख की आबादी को सीधा फायदा मिलेगा.
आज जहां 2-3 घंटे जाम में फंसकर निकलते हैं, वहीं मेट्रो आने के बाद यही सफर मिनटों में पूरा होगा.

Lucknow metro expansion routes. Photo Source: NDTV
किन इलाकों तक मेट्रो पहुंचेगी?
इस महाविस्तार के बाद लखनऊ मेट्रो का नेटवर्क शहर के कई बड़े और बाहरी इलाकों तक पहुंचेगा, जिनमें शामिल हैं:
बाराबंकी
उन्नाव
संडीला
इटौंजा
मोहनलालगंज
पीजीआई
काकोरी, मलिहाबाद, चिनहट, जानकीपुरम जैसे इलाके
इससे शहर और आसपास के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया जाएगा.
जानिए आपको क्या और कितना फायदा होगा?
इस नए मेट्रो नेटवर्क के आने से लखनऊ और इसके आसपास रहने वाले हर वर्ग के लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी:
1. हर दिन 2 घंटे बचेंगे- अब ऑफिस के बाद परिवार के साथ समय मिलेगा
जो लोग बाराबंकी, उन्नाव, संडीला या इटौंजा जैसे बाहरी इलाकों से रोज नौकरी के लिए लखनऊ आते हैं, उन्हें अभी बस, ट्रेन या प्राइवेट गाड़ियों से आने-जाने में रोजाना 2 से 3 घंटे का समय गंवाना पड़ता है. जाम और थकान अलग से होती है.
मेट्रो शुरू होने से यह सफर मिनटों में तय होगा, जिससे हर नौकरीपेशा व्यक्ति के रोजाना करीब 1.5 से 2 घंटे सीधे बचेंगे . इस बचे हुए समय को लोग अपने परिवार के साथ बिता सकेंगे.
2. कामकाजी और घरेलू महिलाओं के लिए सुरक्षित और आसान सफर
घरेलू महिलाओं को अक्सर बच्चों के एडमिशन, घर के सामान की खरीदारी या रिश्तेदारों से मिलने के लिए शहर के दूसरे कोने में जाना पड़ता है. ऑटो या कैब के महंगे किराए और असुरक्षित सफर की जगह अब उन्हें सुरक्षित मेट्रो का विकल्प मिलेगा.
वहीं, कामकाजी महिलाओं के लिए भी देर रात घर लौटना सुरक्षित होगा. सबसे बड़ी बात तो ये है कि जिन महिलाओं को घर के काम के बाद बाहर जाना होता है, उनका समय बचने से वे अपने बाकी घरेलू काम भी बिना किसी तनाव के मैनेज कर सकेंगी.
3. स्कूल और कॉलेज के बच्चों को मिलेगी राहत
लखनऊ में आईआईएम (IIM), बीबीडी (BBD) और पीजीआई (PGI) जैसे कई बड़े शिक्षण संस्थान हैं, जहां हजारों छात्र पढ़ते हैं. मलिहाबाद, काकोरी या जानकीपुरम जैसे इलाकों से आने वाले स्टूडेंट्स को अब कॉलेज पहुंचने के लिए लोकल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना होगा.
मेट्रो से उनका सफर समय पर पूरा होगा, जिससे न तो उनकी क्लास छूटेगी और न ही पढ़ाई का नुकसान होगा. समय बचने से छात्र अपनी एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज और सेल्फ-स्टडी पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे.
स्टेशनों पर मिलेंगी ये खास सुविधाएं
- मेट्रो प्रशासन जो नई डीपीआर (DPR) तैयार कर रहा है, उसमें यात्रियों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा गया है.
- सभी नए मेट्रो स्टेशनों पर बड़ी पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
- इसके अलावा, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी (स्टेशन से घर या ऑफिस तक पहुंचने) के लिए स्टेशनों पर ई-साइकिल और ई-बाइक जैसी ई-व्हीकल सेवाएं भी मिलेंगी, ताकि आपको स्टेशन से उतरकर किसी और गाड़ी का इंतजार न करना पड़े.
मेट्रो शुरू होने के बाद रोजाना सफर करने वालों के करीब 1.5 से 2 घंटे तक बच सकते हैं, जिससे जाम और लंबे सफर से राहत मिलेगी.
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