समुद्री सीमा पर कोस्ट गार्ड की पैनी नजर की वजह ओमान से आई एक बोट समंदर पे पकड़ी गई. इसमें तीन लोग सवार थे. ये छोटी सी बोट तकरीबन 2600 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद दक्षिण के उडुपी के पास पकड़ी गई. तटीय सुरक्षा बल ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस इस मामले की जांच भी कर रही है.
इन तीनो के मास्टर का नाम डोरसे अल्फोंसे है. दूसरा का नाम रोबिंस्टन और तीसरा जेम्स फ्रैंकलिन हैं. इनमें से दो तमिलनाडु के रामनाथ पुरम और एक तिरुनवेल्ली का रहने वाला है. इनका कहना है ओमान में जिसके यहां काम कर रहे थे वह उनका शोषण करता था. पैसा नही देता था. पासपोर्ट जब्त कर लिया था. इसलिए वे बोट लेकर भाग आए.
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ओमान के बोट का नाम SHAETAF launch Manoeuvring हैं. बोट का रजिस्ट्रेशन नम्बर 1159 हैं. ये तीनों ओमान के तुक्कम से 17 फरवरी को चले थे. इस मेकेनाज्ड फिशिंग बोट की लंबाई 20 मीटर हैं. ये बोट में 50 लीटर पीने का पानी और खाने पीने का सामान लेकर चले थे. कोस्टगार्ड का कहना है उनके युद्धपोत की निगरानी का ही नतीजा है ऐसे अवैध तौर पर आने वाले बोट लगातार पकड़े जा रहे हैं.
जांच में क्या हुआ खुलासा?
पुलिस ने इन तीनों का वेरिफिकेशन किया, साथ ही साथ इनके बैकग्राउंड को भी जांचा गया. पुलिस को फिलहाल कोई आतंकी एंगल नहीं मिला. पुलिस ने किसी भी आतंकी एंगल से इनकार किया है.
क्या है पूरी कहानी?
शुरुआती जांच में पता चला है कि ये सभी ओमान में एक मछली पकड़ने वाली कंपनी में काम कर रहे थे. यहां उन्हें समय पर सैलरी नहीं मिल रही थी और उन्हें परेशान किया जा रहा था. पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया कि इनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार होता था. इस कारण वे एक वोट की मदद से भारत भाग निकले.
परिवार को सूचना दे दी गई
कोस्टल सिक्योरिटी के एसपी एच. एन. मिथुन ने कहा कि इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. फिलहाल इन्हें इन्हें मैरीटाइम एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और परिवार को सूचित कर दिया है.
बहुत खतरनाक था सफर
20 मीटर लंबी इस नाव में सिर्फ 50 लीटर पानी और थोड़ा सा खाने का सामान था. इनका सफर जोखिम भरा था, छोटी सी नाव पर हजारों किलोमीटर का समुद्री सफर .
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