सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के वकील आज प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में उतरे. देश में संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए वकीलों का एक गुट गुरुवार दोपहर को सुप्रीम कोर्ट के लॉन में इकट्ठा हुआ. इस दौरान उन्होंने मिलकर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी. हालांकि इन दौरान उन्होंने कोई नारेबाजी नहीं की. उन्होंने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और राष्ट्रगान गाया. बता दें कि सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने भी वकीलों से एकजुटता दिखाने के लिए बिना नारेबाजी किए लॉन में इकट्ठा होने की अपील की थी. बुधवार रात से ही सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के ग्रुप में एक मैसेज तेजी से सर्कुलेट हो रहा था, जिसमें लिखा था, "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ".
🔴#BREAKING| सुप्रीम कोर्ट में वकीलों का प्रदर्शन, छात्रों के समर्थन में उतरे SC के वकील#SC | @RajputAditi | @ashishKB76 pic.twitter.com/kLJtWsOVck
— NDTV India (@ndtvindia) July 23, 2026
बता दें कि इससे पहले, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एसोसिएशन फॉर एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड ने कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस और RAF की कार्रवाई की निंदा करते हुए सार्वजनिक बयान जारी किए थे.
SCBA ने अपने प्रस्ताव कहा, "सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन निर्दोष छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करता है, इसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए, इस घटना में SCBA के सदस्य भी घायल हुए हैं."
— Indira Jaising (@IJaising) July 23, 2026
एसोसिएशन ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण छात्रों और बार सदस्यों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा और अनुचित बल प्रयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है. उन्होंने अधिकारियों से घटना की तत्काल, निष्पक्ष जांच समय पर करने और बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की.
Happening Today
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Call to Advicates
Stand with the Constitution
1.15 pm
Supreme Court lawns
Recite the Preamble singing National Anthem
No slogans
Please join
संसद मार्च में पुलिस की कार्रवाई का विरोध
बता दें कि बुधवार को 650 से ज्यादा वकीलों ने एक बयान जारी कर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में संसद मार्च पर पुलिस की कार्रवाई को संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया था. उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग भी की. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस एक्शन को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया. सीजेआी ने कहा, "हमारा समय बर्बाद न करें."
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर विरोध मार्च के दौरान पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप वाली तीन जनहित याचिकाओं पर जवाब मांगा है.
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