विज्ञापन

NEET पेपर लीक केस: 4 राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगी, नकल विरोधी कानून कसेगा आरोपियों पर नकेल

NEET paper leak case: देश भर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए राज्यों और संबंधित हाईकोर्ट को फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. 

NEET पेपर लीक केस: 4 राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगी, नकल विरोधी कानून कसेगा आरोपियों पर नकेल

NEET पेपर लीक मामले में अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने आरोपियों पर हाल ही में लागू हुए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 यानी नए नकल विरोधी कानून के तहत मुकदमा चलाने का फैसला किया है. दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए राज्यों और संबंधित हाईकोर्ट को फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि पीएम मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक के मामले में बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल आरोपियों को कड़ी और सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेगी. पीएम ने सभी संबंधित विभागों को मामले में अहम कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि युवाओं का हित सबसे ऊपर है. इससे खिलावड़ करने वालों को सख्त सजा मिलेगी. 


रोजाना होगी सुनवाई, 4 राज्यों में बनेंगी फास्ट-ट्रैक कोर्ट

इन मामलों में न्याय जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के लिए ये फास्ट-ट्रैक कोर्ट हर दिन सुनवाई करेंगी. जानकारी के अनुसार, वर्तमान में NEET पेपर लीक मामले में इस नए अधिनियम के तहत कुल चार मामले दर्ज किए गए हैं. इन मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव है. आपको बता दें कि दर्ज किए गए चार मामलों में से दो मामले अकेले बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. 

CBI जल्द चार्जशीट करेगी दाखिल

NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी. सभी आरोपी फिलहाल जेल में है. सभी के खिलाफ सीबीआई ने पुख्ता सबूत जुटाए है और जल्द कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी. कहा जा सकता है पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में NEET लीक के आरोपियों को सजा दिलाने के फैसले के बाद सीबीआई अब एक्शन मोड में है.

क्या है यह नया कानून और NTA पर कैसे होगा लागू?

केंद्र सरकार ने यह सख्त नकल विरोधी कानून 21 जून 2024 को लागू किया था. इस कानून का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकना है. NTA द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी परीक्षाएं इस कानून के दायरे में आती हैं, इसलिए नीट परीक्षा में हुई किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक के मामले सीधे तौर पर इसी अधिनियम के तहत सुने जाएंगे. 

इन बड़ी परीक्षाओं पर भी लागू होता है नियम

NTA के अलावा, यह नया कानून कई अन्य प्रमुख भर्ती और प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं पर भी लागू होता है, जिनमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC),  कर्मचारी चयन आयोग (SSC),  रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS), केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाएं और केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य प्राधिकरण  शामिल हैं.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
NEET Leak, CJP, Sonam Wangchuck
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com