- केरल के वायनाड में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें पांच लोग मलबे के नीचे दब गए.
- लैंडस्लाइड का वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ, जिसमें मलबा सड़क पर गिरते और लोग भागते दिखे.
- मलबे से दो लोगों को बचाया गया जबकि पांच अन्य को अस्पताल पहुंचाया गया, किसी की मौत नहीं हुई.
केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड हो गया है. लैंडस्लाइड की चपेट में 5 लोग आ गए हैं, जो मलबे के नीचे दब गए हैं. मलबे से लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बता दें कि पिछले कई दिनों से केरल में भारी बारिश हो रहा है.
कैमरे में कैद हुई लैंडस्लाइड की घटना
वायनाड में लैंडस्लाइड का भयावह मंजर वहां लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया. वीडियो में नजर आ रहा है कि पहाड़ से पानी के साथ-साथ भारी मात्रा में मलबा भी सड़क पर आ गया. वीडियो में लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए नजर आए. लैंडस्लाइड के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. इमरजेंसी टीमों के मौके पर पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. अधिकारियों ने बताया कि मलबे से दो लोगों को बचाया गया, जबकि पांच अन्य लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया.
...तो बड़ा हो सकता था हादस!
बताया जा रहा है कि वायनाड में कल्लाडी टनल के काम वाली जगह पर भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई. इस हादसे में किसी की मौत की खबर नहीं है. भारी बारिश की वजह से वहां काम पहले ही रोक दिया गया था. केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (KSDMA) ने बताया कि इस इलाके में पिछले 24 घंटों में 265 एमएम बारिश हुई है. यही वजह रही कि यहा लैंडस्लाइड हुई है. अगर कल्लाडी टनल के पास काम हो रहा होता, तो इस हादसे की चपेट में काफी लोग आ सकते थे.
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KSDMA ने पहले ही दे दी थी चेतावनी
लगातार हो रही भारी बारिश के बीच केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर जल-जमाव हो सकता है, कम दृश्यता से यातायात प्रभावित हो सकता है, निचले इलाकों और नदी के किनारों पर बाढ़ आ सकती है, पेड़ उखड़ने से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, घरों और झोपड़ियों को आंशिक नुकसान हो सकता है, और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. प्राधिकरण ने यह भी चेतावनी दी कि खराब मौसम का असर तट के पास रहने वाले लोगों, मवेशियों और असुरक्षित ढांचों पर पड़ सकता है. केएसडीएमए ने लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. नदियों के किनारे और बांधों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और निर्देश मिलने पर राहत शिविरों में जाने की सलाह दी गई है.
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