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This Article is From Oct 02, 2025

लद्दाख में 26 प्रदर्शनकारी रिहा, तेजी से सामान्य हो रहे हैं हालात, सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति को लिखा

लद्दाख हिंसा के बाद प्रशासन ने 26 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर विश्वास बहाली की कोशिश की है. वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उनके पति की बिना शर्त रिहाई की अपील की है.

लद्दाख में 26 प्रदर्शनकारी रिहा, तेजी से सामान्य हो रहे हैं हालात, सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति को लिखा
  • लद्दाख प्रशासन ने हालिया हिंसा के बाद 26 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर तनाव कम करने का प्रयास किया है
  • चार लोगों की मौत के मामले में प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है और न्यायिक जांच की मांग उठी है
  • सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पति की रिहाई के लिए हस्तक्षेप की अपील की है
लद्दाख:

लद्दाख में हालिया हिंसा और तनाव के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 26 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है. वहीं प्रशासन ने चार लोगों की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है, वहीं स्थानीय नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग रखी है. प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के प्रशासन के इस कदम के बाद लोगों के आक्रोश में कमी आने की संभावना है. 

सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

इस बीच लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक नेता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उनके पति की रिहाई के लिए हस्तक्षेप की अपील की है. वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था. वह 24 सितंबर की हिंसक झड़प के बाद से जेल में बंद हैं. 

राष्ट्रपति को संबोधित तीन पृष्ठों के पत्र में गीतांजलि आंगमो ने लिखा कि, “मेरे पति को पिछले चार वर्षों से लोगों के हितों के लिए काम करने की वजह से बदनाम किया जा रहा है. वह कभी भी किसी के लिए खतरा नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि वह नहीं जानतीं कि उनके पति किस हालात में हैं. 

लद्दाख में क्यों हुआ था आंदोलन? 

24 सितंबर को लद्दाख में हिंसा उस समय भड़की थी जब लोग केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. लेह में हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी. इसके दो दिन बाद वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. 

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Ladakh Violence, Sonam Wangchuk Detention
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