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This Article is From Oct 14, 2025

हर जगह मेरा पीछा किया जा रहा... सोनम वांगचुक की पत्नी ने SC में हलफनामा देकर लगाए गंभीर आरोप

गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में दावा किया कि वह दिल्ली में लगातार निगरानी में हैं. जब भी बाहर निकलती हैं, एक कार और एक बाइक सवार व्यक्ति उनका पीछा करता है.

हर जगह मेरा पीछा किया जा रहा... सोनम वांगचुक की पत्नी ने SC में हलफनामा देकर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली:

लद्दाख हिंसा मामले में गिरफ्तार पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके सनसनीखेज आरोप लगाया है कि उन पर नजर रखी जा रही है. दिल्ली में उन्हें लगातार निगरानी में रखा जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि जोधपुर जेल में पति से मुलाकात के दौरान भी एक डीसीपी और महिला कॉन्स्टेबल हर वक्त साथ में रहे. उनके कानूनी नोट्स की फोटो भी खीचीं. 

'दिल्ली में कार-बाइक से पीछा हो रहा'

गीतांजलि अंगमो ने अपने हलफनामे में दावा किया कि मैं दिल्ली में लगातार निगरानी में हूं. जैसे ही मैं अपने ठिकाने से बाहर निकलती हूं, एक कार और एक बाइक सवार व्यक्ति मेरा पीछा करता है. मैं जहां भी दिल्ली में जाती हूं, ऐसा हर जगह होता है. उन्होंने बताया कि ऐसा 30 सितंबर 2025 को दिल्ली आने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद से हो रहा है. यह निगरानी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. 

'जोधपुर जेल में भी की गई थी निगरानी'

गीतांजली ने आगे दावा किया कि जोधपुर जेल में पति सोनम वांगचुक से मुलाकात के दौरान भी उनकी निगरानी की गई थी. उन्होंने कहा कि वह 7 और 11 अक्टूबर 2025 को जोधपुर जेल में अपने पति से मिलने गई थीं. जैसे ही वह जोधपुर हवाई अड्डे पर उतरीं, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राजस्थान पुलिस के अधिकारी उन्हें घेरे में लेकर अपनी गाड़ी में बैठा कर जेल ले गए. गाड़ी में सफेद पर्दे लगे थे ताकि बाहर से अंदर नहीं देखा जा सके. 

'पति से मुलाकात के दौरान बैठे रहे DCP, कॉन्स्टेबल'

अंगमो ने ये भी दावा किया कि जेल में मुलाकात के दौरान अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे. डीसीपी और एक महिला कांस्टेबल मुलाकात के दौरान इतने पास बैठी थीं कि पूरी बातचीत सुन सकें. उन्होंने वांगचुक के निर्देश पर कानूनी सहायता के लिए जो कानूनी नोट्स लिखे थे, उन लोगों ने उसकी भी तस्वीरें खींच लीं. गीतांजलि ने दावा किया कि यह कार्यवाही जेल अधीक्षक के निर्देश पर की गई.

'ट्रेन में भी अधिकारी साथ में मौजूद रहे'

गीतांजलि ने एफिडेविट में दावा किया कि हर बार उनसे पहले ही यात्रा की जानकारी ले ली जाती, फ्लाइट का समय आदि पूछा जाता था. मुलाकात के बाद उन्हें कहीं और जाने नहीं दिया गया, सीधे रेलवे स्टेशन ले जाया गया और अधिकारी खुद ट्रेन में सवार होकर दो घंटे तक साथ रहे. 

पति से निजी बातचीत में दखल का अधिकार नहीं

गीतांजलि का आरोप है कि 30 सितंबर से वह दिल्ली में लगातार निगरानी (surveillance) में हैं. हर बार जब वह बाहर निकलती हैं, एक कार और बाइक सवार व्यक्ति उनका पीछा करता है. उन्होंने अदालत से कहा कि वह एक स्वतंत्र नागरिक हैं. उन्हें यह अधिकार है कि वह जब चाहें, जैसे चाहें, जोधपुर जाकर अपने पति से मिलें. किसी को भी उनके और उनके पति की निजी बातचीत में दखल देने का अधिकार नहीं है. 

लेखक के बारे में
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आशीष भार्गव
Senior Editor – Legal News
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