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This Article is From Oct 08, 2025

सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद पत्नी का आरोप, राष्ट्रविरोधी दिखाने के लिए भाषणों का गलत अनुवाद किया

गीतांजलि अंगमो ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक के हिरासत आदेश में उनके भाषणों का लद्दाखी से गलत अनुवाद किया गया ताकि ये राष्ट्रविरोधी लगें.

सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद पत्नी का आरोप, राष्ट्रविरोधी दिखाने के लिए भाषणों का गलत अनुवाद किया

लद्दाख हिंसा मामले में गिरफ्तार एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने बुधवार को बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि उनके पति सोनम वांगचुक के भाषणों और व्याख्यानों को संदर्भ से हटकर दर्शाया गया है और उनके हिरासत आदेश में लद्दाखी से गलत अनुवाद किया गया ताकि ये ‘राष्ट्रविरोधी' प्रतीत हों.

गीतांजलि ने दावा किया कि सोनम वांगचुक के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें अदालत में चुनौती दी जाएगी. अंगमो ने मंगलवार को वकील रीतम खरे के साथ सोनम वांगचुक से जोधपुर जेल में मुलाकात की और हिरासत आदेश की एक कॉपी प्राप्त की.

लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में हिरासत में लिये जाने के बाद से जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं. वह लद्दाख को राज्य का दर्जा दिये जाने और इसे छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए अनशन कर रहे थे. इसी दौरान प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प हो गई थीं. 

गीतांजलि अंगमो ने जेल में मुलाकात के बाद बताया कि वांगचुक कमजोर लग रहे थे, लेकिन जेल अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे उनकी देखभाल करेंगे. उन्होने आरोप लगाया कि जिस तरह से वांगचुक को ले जाया गया था, वह अमानवीय था. उन्हें 15 दिनों के उपवास के बाद हिरासत में लिया गया था. अंगमो ने कहा कि हिरासत आदेश बहुत ही कमजोर लगता है. हम इसे अदालत में चुनौती देंगे.

अंगमो ने दावा किया कि वांगचुक के बयानों और शब्दों को संदर्भ से हटकर दिखाया गा और लद्दाखी में उनके कुछ भाषणों का गलत अनुवाद किया गया है. अंगमो ने आरोप लगाया कि ऐसा वांगचुक के बारे में अलग विमर्श गढ़ने के लिए किया गया है, जो गलत है. उन्होंने ज्यादातर (महात्मा) गांधी का जिक्र किया है, अहिंसा के बारे में कहा है.

इससे पहले, अंगमो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि मंगलवार को वकील रीतम खरे के साथ उन्होंने वांगचुक से मुलाकात की. उनका (वांगचुक का) हौसला अडिग है. उनकी प्रतिबद्धता दृढ़ है! उन्होंने सभी के समर्थन और एकजुटता के लिए हार्दिक आभार जताया है.

वांगचुक के भाई त्सेतन दोरजे ने भी शनिवार को वकील मुस्तफा हाजी के साथ जेल में उनसे मुलाकात की थी. अंगमो ने अपने पति की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिस पर 14 अक्टूबर को सुनवाई होनी है.

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मनोज शर्मा
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