Jaipur Nagar Nigam ACB Trap: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही ACB ने जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर कोटा इकाई की टीम ने गुरुवार (2 जुलाई ) को जयपुर के लालकोठी स्थित नगर निगम कार्यालय में छापा मारकर मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और उनके अधीनस्थ कर्मचारी राकेश चौधरी को 12,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
110 की फीस के बदले मांग रहे थे हजारों रुपये
एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविन्द गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कोटा एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार को प्रताप नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में प्रधान के पद कार्यरत एक परिवादी ने शिकायत दी गई थी. उसने अपनी शिकायत में बताया था कि वे गरीब जोड़ों का विवाह कराते हैं, जिसका आधिकारिक रजिस्ट्रेशन जयरपुर नगर निगम की लालकोठी के मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय में किया जाता है.
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नियम के तहत विवाह पंजीयन के लिए निर्धारित शासकीय शुल्क 110 रुपये है लेकिन इसके बावजूद मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश चौधरी हर विवाह रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 से 3,000 रुपये तक की रिश्वत की मांग कर रहे थे. वही राशि नहीं देने पर पंजीयन के दस्तावेजों में अनावश्यक कमियां बताकर परिवादियों को परेशान किया जाता था.
गिरफ्तारी के लिए बिछाया जाल
DG गोविंद कुमार ने आगे बताया कि परिवादी के जरिए दर्ज की गई शिकायत को गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया गया. वेरिफिकेशन के दौरान आरोपी विक्रम सिंह के जरिए अपने दलाल/कर्मचारी राकेश चौधरी के माध्यम से पैसे मांगने की बात सच साबित हुई. इसके बाद एसीबी DIG ओम प्रकाश मीणा निर्देशन में आज यानी गुरूवार को कोटा रेंज के पुलिस उप अधीक्षक अनीस अहमद के नेतृत्व में दोनों घूसखोरों को ट्रैप करने के लिए जाल बनाया .
तलाशी में मिला अतिरिक्त कैश
टीम के जरिए की गई ट्रैप कार्रवाई के दौरान जयपुर नगर निगम की लालकोठी स्थित कार्यालय में दोनों आरोपियों को परिवादी से 12,500 रुपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी कर्मचारी राकेश चौधरी की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से विभिन्न गड्डियों के रूप में 38,000 रुपये की अतिरिक्त नकद राशि भी बरामद हुई है, जिसके संबंध में पूछताछ एवं जांच की जा रही है. एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है.
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