तिरुवनंतपुरम: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को छात्र कार्यकर्ताओं के साथ झड़प के बाद केंद्र द्वारा Z+ सुरक्षा दी गई है. इससे पहले राज्यपाल खान को राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम से लगभग 40 किलोमीटर दूर कोल्लम जिले में सीपीआई (एम) से जुड़े स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्यों के विरोध का सामना करना पड़ा. छात्रों ने उनके खिलाफ काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था.
केरल राज्यपाल कार्यालय से एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, "केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केरल राजभवन को सूचित किया है कि सीआरपीएफ का जेड+ सुरक्षा कवर माननीय राज्यपाल और केरल राजभवन तक बढ़ाया जा रहा है."
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जानकारी के अनुसार केरल के राज्यपाल एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे. इसी दौरान एसएफआई (SFI) के प्रदर्शनकारियों को देखकर अपने वाहन को रुकने का आदेश दिया. अपनी कार से बाहर निकलकर, गवर्नर खान आंदोलनकारी छात्रों की ओर बढ़े. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर राज्य में अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
वहां दो घंटे तक गतिरोध बना रहा, इस दौरान वह अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर असंतोष व्यक्त करते हुए सड़क के किनारे बैठे रहे. गवर्नर खान ने दावा किया कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन नहीं किया था, बल्कि सीपीआई (एम) से जुड़े एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बाद पुलिस द्वारा उन्हें प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) की एक प्रति उपलब्ध कराने का इंतजार कर रहे थे. पुलिस ने अंततः गैर-जमानती प्रावधानों के तहत 17 एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर की एक प्रति उनको दी, फिर राज्यपाल वहां से निकल गए.
घटना के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए, राज्यपाल खान ने मुख्यमंत्री विजयन की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह पुलिस को उन व्यक्तियों को बचाने का निर्देश दे रहे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं.
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