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This Article is From Feb 20, 2026

कांग्रेस में कई नेता अपनी एमपी की सीट छोड़कर विधायक क्यों बनना चाहते हैं?

इन सब में सबसे बड़ा नाम के सी वेणुगोपाल का है वे कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हैं. और राहुल गांधी के सबसे करीबी लेकिन क्या वो भी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं. इस पर कोई जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है क्योंकि यदि वेणुगोपाल विधानसभा का चुनाव लड़े तो वो सीधे मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाएंगे.

कांग्रेस में कई नेता अपनी एमपी की सीट छोड़कर विधायक क्यों बनना चाहते हैं?
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेसी नेताओं में मची टिकट पाने की होड़
NDTV
  • केरल की स्क्रीनिंग कमिटी की तीन बैठकें हो चुकी हैं जिसमें कई सांसदों ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है
  • के सुरेश और सुधाकरण जैसे वरिष्ठ सांसद केरल में विधानसभा चुनाव लड़कर मंत्री पद के दावेदार बनना चाहते हैं
  • के सी वेणुगोपाल का नाम भी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए चर्चाओं में हैं
नई दिल्ली:

कांग्रेस में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है.जहां-जहां चुनाव होने वाले हैं वहां की स्क्रीनिंग कमिटी मिल रहीं हैं और उस प्रदेश के नेताओं से सलाह मशविरा कर रही हैं.कांग्रेस ने चुनाव होने वाले दो राज्यों पर अपना फोकस रखा है केरल और असम.कांग्रेस को लगता है यही दो राज्य हैं जहां वो अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है वैसे यहां भी गठबंधन में ही कांग्रेस जाती है. मगर यहां वो लीडर की भूमिका में है जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी में डीएमके बड़ी पार्टी है और पश्चिम बंगाल में उनके पास कुछ भी खोने के लिए नहीं है.

असम की स्क्रीनिंग कमिटी की अध्यक्ष प्रियंका गांधी गुवाहाटी के दौरे पर है जबकि केरल की स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक दिल्ली में होती है उसके अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री हैं.केरल की स्क्रीनिंग कमिटी की तीन बैठकें हो चुकी है और जो अंतिम बैठक हुई उसमें कई सांसद भी आए.केरल में यूडीएफ के 20 में से 18 सांसद हैं जिसमें से कांग्रेस के 14 हैं,जिसमें प्रियंका गांधी भी एक हैं.

कई दिग्गज लड़ना चाहते हैं विधानसभा चुनाव

स्क्रीनिंग समिति की इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बात रही कि कई सांसदों ने केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही और इसके लिए पार्टी से अनुमति मांगी है.जैसे कि केरल से कांग्रेस के 8 बार के सांसद के सुरेश जो कि लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्हीप भी हैं विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं. के सुरेश को यह उम्मीद थी कि यदि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर बनाने का प्रस्ताव आता है तो 8 बार के सांसद होने के नाते उनकी दावेदारी बनती है. लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद परंपरा के अनुसार विपक्ष को जाता है. मगर अभी तक इसकी कोई सुगबुगाहट नहीं है.यही हाल के सुधाकरण का भी है, वे केरल कांग्रेस के पिछड़ी  जाति के नेताओं में से सबसे बड़े चेहरे हैं.सुधाकरण भी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं.दरअसल, कई सांसदों को लगता है कि केरल में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है ऐसे में यदि वो विधानसभा का चुनाव लड़ते हैं तो मंत्री पद के दावेदार अपने आप बन जाएंगे.

गेंद अब कांग्रेस आलाकमान के पाले में है

इन सब में सबसे बड़ा नाम के सी वेणुगोपाल का है वे कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हैं. और राहुल गांधी के सबसे करीबी लेकिन क्या वो भी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं. इस पर कोई जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है क्योंकि यदि वेणुगोपाल विधानसभा का चुनाव लड़े तो वो सीधे मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाएंगे. यदि बात शशि थरूर पर भी लागू होती है.अब गेंद कांग्रेस आलाकमान के पाले में है कि वे क्या निर्णय लेते हैं.बीजेपी में तो सांसदों को विधानसभा का चुनाव लड़वाने की प्रथा है,इसके पीछे ये तर्क दिया जाता है कि इससे चुनाव में अच्छा माहौल बनता है.मगर कांग्रेस भी ऐसा करेगी यह पार्टी को तय करना होगा.के सुरेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि कांग्रेस आलाकमान जो भी फैसला लेगी उसे वो मानेंगे. 

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