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असम में चुनाव: कांग्रेस और बीजेपी दोनों तरफ गठबंधन को लेकर तनाव

असम में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस और रायजोर दल के बीच 'धींग' विधानसभा सीट को लेकर गठबंधन की बातचीत खटाई में पड़ गई है. दूसरी ओर, बीजेपी ने बोडोलैंड में अपना आधार बढ़ाने के लिए BPF को साथ लिया है.

असम में चुनाव: कांग्रेस और बीजेपी दोनों तरफ गठबंधन को लेकर तनाव
  • असम में कांग्रेस सीपीएम, असम जातीय परिषद और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कान्फ्रेंस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है
  • रायजोर दल के साथ कांग्रेस की सीटों को लेकर बातचीत रुकी हुई है, लेकिन दोनों पक्ष फिर से चर्चा करेंगे
  • पिछली बार कांग्रेस गठबंधन में एआईयूडीएफ भी शामिल थी, लेकिन इस बार कांग्रेस ने उसके साथ गठबंधन से इंकार किया है
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असम में पश्चिम बंगाल,केरल,तमिलनाडु,पुडुचेरी के साथ ही विधानसभा के चुनाव होने हैं. पश्चिम बंगाल में जहां कांग्रेस अकेले लड़ रही है वहीं बाकी जगह वह गठबंधन का हिस्सा है. तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन में जूनियर पार्टनर है जबकि केरल और असम में वह बड़ी दल की भूमिका में है.

असम में कांग्रेस गठबंधन का क्या गणित?

असम में सीपीएम,असम जातीय परिषद और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कान्फ्रेंस से गठबंधन तय कर लिया है मगर अभी भी रायजोर दल और अन्य वामदलों के साथ गठबंधन होना बाकी है. रायजोर दल के मुखिया अखिल गोगोई हैं. पिछली बार अखिल गोगोई अकेले लड़े थे और दो सीटें जीतीं थी. इस बार रायजोर दल ने पहले 27 सीटों की मांग की फिर 20 और फिर 15 सीटों तक आए, मगर कांग्रेस रायजोर दल को सिर्फ 4 सीट सीधी लड़ाई वाली, 4 सीटें दोस्ताना लड़ाई वाली और 7 वैसी सीटें जो रायजोर दल ने मांगी ही नहीं थी मगर कांग्रेस उन्हें दे रही है.

इस सबके बदले रायजोर दल बीजेपी से सीधी लड़ाई वाली 5 सीट चाहती है और इसमें एक सीट धिंग विधानसभा का है जिसको लेकर कांग्रेस से उनकी बातचीत टूट गई. एनडीटीवी से बातचीत में असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि बातचीत टूटी नहीं है बल्कि बातचीत रूक गई है, हम बातचीत दोबारा करेंगे. पिछली बार कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा बदरूद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ भी थी मगर एनडीटीवी से बातचीत ने गौरव गोगोई ने बदरूद्दीन अजमल के साथ किसी भी तरह का गठबंधन करने से इंकार कर दिया और कहा कि एआईयूडीएफ किसी भी हालत में इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी.

पिछली बार असम में कांग्रेस के साथ एआईयूडीएफ, बोडो पीपुल्स फ्रंट, सीपीआई, माले, एजीएम और आरजेडी थी. इस बार कांग्रेस गठबंधन क्या शक्ल लेगी इसके लिए कुछ दिनों का और इंतजार करना पड़ेगा.

बीजेपी की भी गठबंधन पर बनी सहमति

दूसरी ओर बीजेपी भी गठबंधन को लेकर आम सहमति बनाने में लगी है. पिछली बार बीजेपी,असम गण परिषद ,यूनाईटेड पीपुल्स पार्टी लिबरेशन साथ मिलकर लड़ी थी मगर अभी तक इनमें सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बन पाई है. यूनाईटेड पीपुल्स पार्टी लिबरेशन ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दिया है. बीजेपी इस बार बीपीएफ यानि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को भी एनडीए में शामिल करना चाहती है पिछली बार बीपीएफ कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा थी.

कांग्रेस असम की 126 सीटों में से 42 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है जिसमें गौरव गोगोई को जोरहाट विधानसभा से चुनाव लड़ा रही है.जबकि असम के दो अन्य कांग्रेस सांसदों के बेटे को भी टिकट दिया गया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का भी पहली सूची में नाम है. जबकि बीजेपी आजकल में असम की अपनी पहली सूची लाने वाली है.

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