कर्नाटक : मंदिरों में हनुमान चालीसा, भक्ति गीत बजाए गए, मुख्यमंत्री ने आदेश पर अमल को कहा

कर्नाटक (Karnataka) के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों में कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से लगे लाउडस्पीकर (Loudspeaker) के विरोध में सोमवार को कुछ हिंदू समूहों ने अभियान शुरू किया.

बेंगलुरु:

कर्नाटक (Karnataka) के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों में कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से लगे लाउडस्पीकर (Loudspeaker) के विरोध में सोमवार को कुछ हिंदू समूहों ने अभियान शुरू किया. इस बीच, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Chief Minister Basavaraj Bommai) ने अधिकारियों को उच्चतम न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया. इससे पहले कांग्रेस पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों, गृह और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक से पहले बोम्मई ने कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के लाउडस्पीकर के संदर्भ में दिए गए फैसले को लागू करने के निर्देश दिए हैं.

इससे पहले, सुबह श्री राम सेना सहित हिंदू समूहों के अभियान के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों के मंदिरों में हनुमान चालीसा, सुप्रभात, ओमकारा और भक्ती गीत बजाए गए. इस समूहों ने आरोप लगाया है कि सरकार मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवई करने में असफल रही है. मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर सुबह की अजान सुनाए जाने के विरोध में तड़के करीब पांच बजे मंदिरों में मौजूद लोगों ने भजन बजाए. हुबली, बेलगावी, मैसूर, चिक्कमंगलुरु, यादगीर, मांड्या और कोलार सहित विभिन्न स्थानों के मंदिरों से ऐसी घटनाओं की खबरें मिली हैं. बेंगलुरु सहित कुछ स्थानों पर हिंदू कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में भी लिया गया.

बोम्मई ने कहा, ‘‘अजान के संबंध में , उच्चतम न्यायालय का फैसला है जो सभी पर लागू होता है. इसे सौहार्द्रपूर्ण माहौल में लागू किया जाना चाहिए. हम देख रहे हैं अन्य राज्यों में क्या हुआ है.'' उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय के आदेश को कैसे लागू करना है इसको लेकर उच्च न्यायालय का भी आदेश है. मैंने अधिकारियों को कड़ाई से आदेश का पालन कराने को कहा है. मेरी अधिकारियों के साथ बैठक होने वाली है और एक बार फिर हम स्पष्ट निर्देश देंगे.'' श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने कहा कि अभियान सरकार और ‘हठी' मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है.

उन्होंने मैसूर के अंजनेय मंदिर में सुबह की प्रार्थना में हिस्सा लिया था. मुतालिक ने कहा, ‘‘हम लाउडस्पीकर से समाज, छात्रों और मरीजों को होने वाली परेशानियों के बारे में पिछले एक साल से आगाह कर रहे हैं. हमने इस बारे में मुसलमानों को भी बताया, लेकिन स्थिति वैसी ही बनी रही.'' उन्होंने कहा, ‘‘नोटिस जारी करने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह एक ड्रामा था. यहां तक कि आज सुबह पांच बजे भी मस्जिदों ने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया.''

मुतालिक ने आरोप लगाया कि दिन में चार अन्य अवधि में होने वाली अजान की ध्वनि तय सीमा के तहत कम नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी लड़ाई आज ही शुरू हुई है. अगर अब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई तो हम उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे, क्योंकि यह उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है.''मुतालिक ने कहा, ‘‘यह तालिबान की हुकूमत या पाकिस्तान, अफगानिस्तान नहीं है. यह भारत है और यहां संविधान तथा कानून का शासन है.''

इस बीच, गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए अदालत के आदेशों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले कर्नाटक कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समाज में शांति और सदभाव बनाए रखने के लए जरूरी एहतियाती कदम उठाने की मांग की. विधानसभा में कांग्रेस के उप नेता यूटी खादर के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण को किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार को अदालत के आदेश लागू कराने के नियम बनाने चाहिए जिसका सभी को अनुपालन करना चाहिए. इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस विधायक एनए हारीस, नसीर अहमद, राज्यसभा सदस्य सैयद नसीर हुसैन शामिल थे.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)