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This Article is From May 18, 2023

"आलाकमान का फैसला वैसे कबूला, जैसे..." : DKS ने बताया, डिप्टी CM पद पर क्यों हुए राजी

कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिलने के बाद से ही डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग पर अड़े हुए थे. इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के प्रति समर्पण और अपने काम का हवाला दिया था. लेकिन अब वह डिप्टी सीएम पद के लिए मान गए हैं.

डीके शिवकुमार को कांग्रेस का संकटमोचक माना जाता है.
नई दिल्ली:

कर्नाटक चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के पांच दिन बाद आखिरकार मुख्यमंत्री (Karnataka Government Formation) के नाम का ऐलान हो गया है. कर्नाटक सीएम के लिए अड़े डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) काफी मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार मान गए. आलाकमान के फैसले के मुताबिक, सिद्धारमैया (Siddaramaiah)कर्नाटक के मुख्यमंत्री और शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री होंगे. पहले आलाकमान राज्य में दो या तीन उप-मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रही थी. लेकिन अब डीके शिवकुमार ही एकमात्र उप-मुख्यमंत्री होंगे. NDTV से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, "आलाकमान के फैसले को मैंने वैसे ही स्वीकार किया है, जैसे हमें अदालत में एक जज के फैसले को स्वीकार करना पड़ता है".

61 वर्षीय डीके शिवकुमार को कांग्रेस का संकटमोचक कहा जाता है. चुनाव में पार्टी को बहुमत मिलने के बाद से ही वह मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग पर अड़े हुए थे. इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के प्रति समर्पण और अपने काम का हवाला दिया था. शिवकुमार सीएम पद के लिए तब तक अड़े रहे, जब तक कि सोनिया गांधी ने हस्तक्षेप नहीं किया. सोनिया के दखल के बाद आखिरकर शिवकुमार 'पार्टी के हित में बलिदान' देने के लिए सहमत हुए.

पार्टी हित सबसे पहले
NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में डीके शिवकुमार ने कहा, "एक बार जब आलाकमान पर सब कुछ छोड़ देते हैं, तो हमें आलाकमान के फैसले को ही स्वीकार करना होगा. हम में से बहुत से लोग अदालत में बहस करेंगे. आखिरकार जज ने जो कहा, उनका फैसला ही स्वीकार करना पड़ता है. सभी 135 विधायकों ने कहा कि हम फैसला आलाकमान पर छोड़ देंगे. अब आलाकमान ने फैसला ले लिया है." उन्होंने कहा, "हमने कर्नाटक के लोगों को आश्वासन दिया. व्यक्तिगत हित बाद में आता है, पार्टी हित उससे पहले है. यही मेरा कमिटमेंट है."

हमें आगे काम करना है
डीके शिवकुमार कहते हैं, "तमाम कारणों से मान लीजिए, अगर हम कर्नाटक का चुनाव नहीं जीत पाते, तो क्या स्थिति होती? अब हम जीत गए हैं, हमें आगे काम करना है... अकेले मैं नहीं, लाखों-लाखों कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए काम किया है. सबसे अच्छा काम किया है. हमें इस बारे में भी देखना होगा."

गांधी परिवार को इसमें नहीं लाना चाहता
यह पूछे जाने पर कि क्या यह सोनिया गांधी की वजह से ये संघर्ष आखिरकार खत्म हुआ? शिवकुमार ने कहा, "मैं सोनिया गांधी या गांधी परिवार को इसमें नहीं लाना चाहता. मैं अभी राहुल गांधी से मिला. मल्लिकार्जुन खरगे से भी मिला. बस इतना ही..."

अब काम शुरू करना है
सिद्धारमैया के साथ सत्ता की साझेदारी पर डीके शिवकुमार ने कहा, "काम शुरू होना है. इसे शुरू करने के लिए एक सप्ताह या कुछ और चाहिए. आइए सफलता की कहानी देखें." उन्होंने इस सवाल को खारिज कर दिया कि कांग्रेस अपने पांच गारंटी के वादे को कैसे पूरा करेगी? 

5 गारंटी को हम पर छोड़ दें
शिवकुमार ने कहा, "आप इसे हम पर छोड़ दें. हमारे पास इसके लिए एक डेडिकेटेड टीम है. हमने सभी तरह की इकोनॉमी पर काम किया है." एक्सपर्ट के मुताबिक, 5 गारंटी को लागू करने के लिए लगभग 51,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

20 मई को 12:30 बजे शपथ ग्रहण
कर्नाटक में सीएम और डिप्टी सीएम का शपथ ग्रहण समारोह 20 मई (शनिवार) दोपहर 12:30 बजे होगा. इसके अलावा कुछ मंत्री भी शपथ लेंगे. कांग्रेस ने आज शाम 7 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें पार्टी के सेंट्रल ऑब्जर्वर भी पहुंचेंगे. बता दें कि कांग्रेस ने 13 मई को 224 सीटों में से 135 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था. बीजेपी के हिस्से में 66 सीटें आई थीं. वहीं, जेडीएस को 19 सीटें मिलीं.

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