- विपक्ष संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में ईरान-इजरायल युद्ध और विदेश नीति पर सरकार को कड़ी चुनौती देगा.
- कांग्रेस संसदीय दल की रणनीति बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ सांसद शामिल होंगे.
- कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और पश्चिम एशिया के युद्ध के मुद्दों पर सरकार की नीति पर सवाल उठाएंगे.
ईरान-इजरायल युद्ध की गूंज सोमवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में सुनाई देगी. विपक्ष सरकार को विदेश नीति के मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर रहा है. इसकी रणनीति तैयार करने को लेकर रविवार शाम कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की रणनीति समूह की बैठक बुलाई गई है. दस जनपथ पर होने वाली इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ सांसद शामिल होंगे. वहीं, सोमवार सुबह दस बजे संसद में विपक्षी दलों की बैठक होगी.
संसद में विपक्ष की रणनीति को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि हम कई मुद्दे उठाएंगे. पश्चिम एशिया में युद्ध हो रहा है. अमेरिका और इजराइल का आक्रमण ईरान पर हुआ है और ईरान ने दूसरे देशों पर हमला किया है. इसका पूरा असर पश्चिम एशिया पर हुआ है. इस युद्ध का असर हिंद महासागर तक पहुंचा है. इस पर हम चुप क्यों हैं? रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका बयानबाजी कर रहा है. लेकिन हमारी तरफ से कायरता का प्रदर्शन किया जा रहा है. भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर किसान चिंतित हैं. इन सभी विषयों पर चर्चा होनी चाहिए.
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी लगातार यह संदेश देने की कोशिश करती रहेगी कि पीएम मोदी अमेरिका के आगे झुक गए हैं. “भारत-अमेरिका ट्रेड डील हो या ईरान युद्ध और खामेनेई की मौत को लेकर भारत सरकार का रूख अमरीका के सामने सरेंडर जैसा है. पीएम के दौरे के फौरन बाद इजरायल ने ईरान पर हमला किया. हिन्द महासागर में अमेरिका द्वारा ईरानी युद्धपोत गिराने को लेकर भी मोदी सरकार चुप रही. अब अमरीका कह रहा है कि हम भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत देते हैं. इन मुद्दों कांग्रेस सरकार से तीखे सवाल पूछेगी.” यूथ कांग्रेस भी संसद के बाहर प्रदर्शन की रणनीति बना रही है.
वहीं, लोकसभा में पहले दिन स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी. लोकसभा अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगा कर विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण में दस फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. इसके मद्देनजर कांग्रेस ने 9 से 11 मार्च तक अपने लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है. वहीं, सूत्रों ने बताया है कि टीएमसी भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. पहले तृणमूल कांग्रेस ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे. स्पीकर को हटाने के लिए पर्याप्त संख्याबल विपक्ष के पास नहीं है. लेकिन इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वो सरकार को घेरने की कोशिश करेगी और बताने की कोशिश करेगी कि स्पीकर सरकार के दबाव में फैसले करते हैं. कुल मिलाकर पहले चरण की तरह ही बजट सत्र का दूसरा चरण भी हंगामेदार रहने की संभावना है.
ये भी पढें : 'ओम बिरला लोकसभा के अहंकारी उत्पाती छात्रों को ठीक करना जानते...' : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले PM मोदी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं