पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कोयला घोटाले में समन को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. दिवंगत पूर्व पीएम को उनके निधन के दो साल बाद ये क्लीन चिट मिली है. मनमोहन के इस घोटाले में बेदाग साबित होने पर NDTV से बात करते हुए वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल ने खुशी जताई. उन्होंने कहा कि यह एक महान और सम्माननीय व्यक्ति के लिए ऐतिहासिक दिन है.
'मनमोहन सिंह को राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित किया गया'
सिब्बल ने कहा कि मनमोहन सिंह को राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित किया गया, जो यह दर्शाता है कि व्यवस्था कभी-कभी एक ईमानदार और सम्मानित व्यक्ति के साथ भी घोर अन्याय कर सकती है. मनमोहन के खिलाफ अदालती कार्यवाही करीब 10 साल पहले शुरू हुई थी जब कोल घोटाले में आरोपी के तौर पर समन करने को चुनौती देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की अर्जी पर सुनवाई होनी थी.
सिब्बल ने याद किया सुनवाई वाला दिन
1 अप्रैल 2015 की सुबह जब ये सुनवाई होनी थी तब सुप्रीम कोर्ट में रोजाना से ज्यादा गहमागहमी थी क्योंकि खबर आई कि डॉ सिंह कि दो बेटियां भी सुनवाई के के दौरान कोर्ट में रहेंगी. कोर्ट शुरू होने से पहले दोनों पहुंच गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट सिक्योरिटी ने उनकी सुरक्षा में तैनात SPG को अंदर जाने से इनकार कर दिया. कुछ देर के विचार विमर्श के बाद तय हुआ कि दिल्ली पुलिस के डीसीपी खुद अपनी सुरक्षा में दोनों के साथ जाएंगे.
करीब आधे घंटे ये सुनवाई चली. इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की विशेष कोल अदालत के समन पर रोक लगा दी. इसी दौरान उनकी दोनों बेटियों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. उस समय उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया. पुलिस सुरक्षा में दोनों को कोर्ट से बाहर निकाला गया और इसके बाद वों SPG सुरक्षा में वापस चली गईं. तब से ये केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित ही रहा. 2024 में डॉ मनमोहन सिंह का निधन हो गया. अब इस केस के 11 साल बाद आज यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कोल घोटाले में सीधे-सीधे डॉ. सिंह को क्लीन चिट दे दी.
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