- महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की खेप लेकर ट्रेन दिल्ली पहुंची.
- NCCF चेयरपर्सन विशाल सिंह बोले- 2-3 दिन में दिल्ली में प्याज के दाम घटेंगे.
- 2025-26 में अब तक 88 हजार टन प्याज 16 शहरों में पहुंची.
प्याज के दाम बढ़ने की आशंकाओं के बीच सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में नासिक से प्याज की पहली खेप लेकर ‘कांदा एक्सप्रेस' दिल्ली पहुंची है. प्याज को देश के बड़े शहरों और प्रमुख खपत वाले इलाकों तक पहुंचाने के लिए रेलवे और सड़क, दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. किस शहर में कितनी प्याज भेजनी है, यह वहां की कीमत और बाजार की स्थिति देखकर तय किया जाएगा. सरकार NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार और अन्य रिटेल दुकानों के जरिए प्याज बेच रही है. इन केंद्रों पर प्याज की कीमत ₹35 प्रति किलो रखी गई है. सरकार का टार्गेट है कि बाजार में प्याज की उपलब्धता बनी रहे और मौसमी वजहों से कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी न हो.

प्याज के दामों में आएगी कमी!
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) के चेयरपर्सन विशाल सिंह ने NDTV के साथ बातचीत में कहा, "दिल्ली- एनसीआर में 15 मोबाइल वाहनों के जरिए ₹35 प्रति किलो की रेट से प्याज बेची जा रही है. NAFED भी मोबाइल वैन्स के जरिए सस्ते प्याज की बिक्री कर रहा है. उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिन में दिल्ली में प्याज की कीमतें कुछ घटेंगी."
उन्होंने आगे कहा कि अभी हमने एक-एक किलो के बैग्स बनवाए हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सस्ता प्याज पहुंच सके. एक व्यक्ति एक बार में 1 किलो प्याज खरीद सकता है. NCCF के 10 आउटलेट्स और 105 भारत ब्रांड के आउटलेट्स पर भी बिक्री शुरू हुई है.

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NCCF चेयरपर्सन विशाल सिंह ने कहा, "हमने कुल 140 आउटलेट्स और मोबाइल वैन्स के जरिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्याज की बिक्री शुरू की है."
उन्होंने आगे कहा, "कुछ शहरों में कालाबाजारी की वजह से प्याज महंगा हुआ है. हमने अभी देश के पांच राज्यों में सस्ता प्याज बेचने का फैसला किया है. आने वाले चार-पांच दिन के अंदर लखनऊ, वाराणसी जैसे शहरों में भी NCCF के रिटेल केंद्र और मोबाइल वैन्स के जरिए प्याज की बिक्री शुरू कर दी जाएगी. हमने अभी पांच शहरों को चुना है."

कांदा एक्सप्रेस से हुई आसानी...
'कांदा एक्सप्रेस' पहल ने प्याज उत्पादन वाले इलाकों से मुख्य खपत केंद्रों तक बफर प्याज की आवाजाही को आसान बनाकर सरकार की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत किया है.
साल 2024-25 के दौरान 14 रेलवे रेक के जरिए करीब 12 हजार मीट्रिक टन बफर प्याज 5 शहरों में पहुंचाई गई थी. साल 2025-26 में इस पहल का विस्तार हुआ, जिसके तहत देश भर के 16 शहरों में 86 रेलवे रेक के जरिए करीब 88 हजार मीट्रिक टन प्याज पहुंचाई गई.
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