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3 hours ago
नई दिल्ली:

दिल्ली में गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भारी झड़प हो गई. हालात इतने बिगड़ गए कि 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया, जबकि छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया. घटना के बाद पुलिस ने 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें से 14 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया. हालांकि कोर्ट ने 25 हजार रुपये के मुचलके पर सभी को जमानत दे दी. 

इसके बाद क्या हुआ?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्रों ने बैरिकेड तोड़े, लाठियां, बैनर और जूते फेंके. कई पुलिसकर्मियों पर हमला किया. कुछ कर्मियों को दांत से काटे जाने की शिकायत भी दर्ज हुई. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नॉर्थ गेट पर रोककर वापस कैंपस की ओर धकेला. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक छात्र को पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारते और दूसरे को सुरक्षाबलों पर लाठी फेंकते देखा जा सकता है.

छात्रों का आरोप: पुलिस ने अत्यधिक बल का प्रयोग किया

हिरासत में लिए गए छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अनावश्यक लाठियां चलाईं. कई छात्र और छात्राएं घायल हुईं. कुछ छात्रों को 'अज्ञात स्थानों' पर ले जाया गया.

शिक्षक संघ भी छात्रों के समर्थन में

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने बयान जारी कर कहा कि पुलिस का बल प्रयोग निंदनीय है. हिरासत में लिए गए छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है. कई छात्र घायल हैं. सभी को तत्काल रिहा किया जाए. संघ का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकार, मार्च करने के अधिकार से रोकने के उद्देश्य से की गई.

JNU बवाल मामले में सभी 14 आरोपियों को जमानत

जेएनयू मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रदर्शन कर रहे सभी 14 छात्रों को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.

JNU में बवाल का नया वीडियो आया सामने

JNU में छात्र संघ के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भयंकर झड़प हुई है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

छात्रों का आरोप: पुलिस ने अत्यधिक बल का प्रयोग किया

हिरासत में लिए गए छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अनावश्यक लाठियां चलाईं. कई छात्र और छात्राएं घायल हुईं. कुछ छात्रों को 'अज्ञात स्थानों' पर ले जाया गया.

JNU में पुलिस से क्यों भिड़े छात्र?

पुलिस के अनुसार, जेएनयू छात्रों ने विश्वविद्यालय से शिक्षा मंत्रालय तक ‘लांग मार्च’ निकालने का आह्वान किया था. इसका उद्देश्य था कि यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन पर कुलपति की टिप्पणी का विरोध. इसके अलावा जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निलंबन के खिलाफ आवाज भी विरोध की बड़ी वजह बनी.  

जेएनयू प्रशासन ने छात्रों को आगाह किया था कि परिसर के बाहर विरोध की अनुमति नहीं है और प्रदर्शन को कैंपस तक सीमित रखें. इसके बावजूद, 400-500 छात्र परिसर में एकत्र हुए और दोपहर लगभग 3:20 बजे मुख्य द्वार से बाहर निकलकर मंत्रालय की ओर बढ़ने लगे.

JNU में प्रदर्शनकारियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?

पुलिस ने जिन धाराओं में केस दर्ज किया है, उनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकना, पुलिसकर्मियों पर हमला और चोट पहुंचाना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होना शामिल हैं. वसंत कुंज थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

JNU बवाल में कौन-कौन गिरफ्तार हुए?

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं-

नितीश कुमार
अदिति मिश्रा
गोपिका बाबू
दानिश अली
(अन्य नाम पुलिस ने सूचीबद्ध किए हैं)

JNU Violence: पुलिस-छात्रों की झड़प में पुलिस के 25 जवान घायल

JNU छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भारी झड़प हो गई. हालात इतने बिगड़ गए कि 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया, जबकि छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया. घटना के बाद पुलिस ने 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें से 14 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है.

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