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अंदर सुनवाई, बाहर प्रदर्शन, बड़े-बड़े वकीलों ने रखीं दलीलें... परिमल नाथवानी मामले में आज क्या कुछ हुआ?

झारखंड में एनडीए समर्थित राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन मंजूर हो गया है. एक दिन पहले उनके नामांकन में कुछ कथित गड़बड़ियों के चलते नामांकन होल्ड पर रख दिया गया था.

अंदर सुनवाई, बाहर प्रदर्शन, बड़े-बड़े वकीलों ने रखीं दलीलें... परिमल नाथवानी मामले में आज क्या कुछ हुआ?
परिमल नाथवानी का नामांकन मंजूर हो गया है.
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रांची:

झारखंड में परिमल नाथवानी के लिए राज्यसभा चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है. बुधवार को रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने उनके नामांकन को मंजूर कर लिया है. एक दिन पहले परिमल नाथवानी के नामांकन पेपर में कुछ कथित गड़बड़ियों के कारण उनका नामांकन होल्ड पर रख लिया गया था. कांग्रेस ने उनका नामांकन खारिज करने की मांग की थी. लेकिन बुधवार को चली कई घंटों तक सुनवाई के बाद RO ने इसे मंजूरी दे दी.

परिमल नाथवानी का नामांकन मंजूर होना कांग्रेस और विपक्ष के लिए बड़ा झटका है. कांग्रेस उनका नामांकन खारिज करने की मांग कर रही थी. लेकिन RO ने अपने आदेश में कहा कि परिमल नाथवानी के कागजात 'सही' पाए गए हैं.

यह आदेश कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बीच आया. कांग्रेस नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग कर रही थी. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि नाथवानी ने अपने नामांकन पेपर के साथ लगे हलफनामे में गलत और अधूरी जानकारी दी थी.

नाथवानी मामले में दिनभर क्या हुआ?

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 8 जून तक नामांकन दाखिल करना था. 9 जून से स्क्रूटनी शुरू हुई. तभी कांग्रेस ने परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र के हलफनामे में गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. इसके बाद उनका नामांकन होल्ड पर रख दिया गया था और बुधवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया था.

बुधवार को झारखंड विधानसभा में इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई. इस दौरान कांग्रेस और झामुमो के उम्मीदवार भी मौजूद थे.

सुनवाई के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की तरफ से सीनियर वकीलों ने दलीलें दीं. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद भी विधानसभा पहुंचे और दलीलें रखीं. दूसरी ओर, नाथवानी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने तर्क दिए.

हालांकि, कांग्रेस नेता नासिर अहमद का दावा है कि उनके वकीलों से मुलाकात नहीं की. सुनवाई के दौरान उन्हें बोलने नहीं दिया गया. कांग्रेस का कहना है कि नाथवानी के वकील कार्यवाही जल्दी करने का दबाव डाल रहे थे.

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इधर सुनवाई, उधर विरोध प्रदर्शन

विधानसभा के अंदर नाथवानी के मामले पर सुनवाई हो रही थी, जबकि बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहा था. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर नारेबाजी की.

कांग्रेस का आरोप था कि नामांकन पत्र में कथित गड़बड़ियों के बावजूद उम्मीदवार को राहत देने की कोशिश की जा रही है, जबकि दूसरे राज्यों में अलग रुख अपनाया जा रहा है. इस प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई नेता शामिल थे.

इस दौरान कांग्रेस समर्थकों के विधानसभा परिसर में जबरदस्ती घुसने पर सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई.

दूसरी ओर, बीजेपी कार्यकर्ता भी नाथवानी के समर्थन में विधानसभा पहुंचे और उनके नामांकन को वैध बताते हुए नारेबाजी की. 

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बीजेपी का क्या है कहना?

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी विधायक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस को पता है कि वह हार रही है, इसलिए बचने के लिए रास्ता ढूंढ रही है.

उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव हारते हैं तो राहुल गांधी ने EVM हैक और वोट चोरी का दावा किया. उन्होंने कहा कि वास्तव में ये लोग हार को स्वीकार नहीं करते. उन्होंने दावा किया कि 18 जून के चुनाव में ये लोग हार रहे हैं, तो उस हार के ठींकरे को फोड़ने के लिए एक मुद्दा बना दिया. 

कांग्रेस के आरोप क्या थे?

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक ने नाथवानी के नामांकन पत्र में आपत्तियां दर्ज कराई थीं. दावा था कि नामांकन पत्र में कई गड़बड़ियां हैं.

कांग्रेस का आरोप है कि कुछ दस्तावेजों में नाम 'परिमल नाथवानी' और कुछ में 'नाथवानी परिमल' दर्ज है. इसके अलावा, कुछ कॉलम खाली छोड़ दिए गए हैं. आरोप था कि आपराधिक मामले वाला कॉलम भी खाली छोड़ दिया गया था. इसके अलावा, HUF वाले फॉर्म में भी कुछ नहीं लिखा था.

कांग्रेस नेता नासिर अहमद ने दावा किया कि परिमल नाथवानी ने जिस फॉर्मेट में हलफनामा दायर किया है, वह चुनाव आयोग का तय फॉर्मेट नहीं है. इसलिए वह गैर-कानूनी है.

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झारखंड में राज्यसभा का गणित क्या है?

दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को वोटिंग होगी. दोनों सीटों पर इंडिया ब्लॉक आसानी से जीत सकती थी, लेकिन परिमल नाथवानी की एंट्री ने इस मुकाबले को रोचक बना दिया है.

जीत पक्की करने के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 28 फर्स्ट-प्रेफरेंस वोट हासिल करने होंगे. झारखंड विधानसभा में इंडिया ब्लॉक के 56 मेंबर हैं, जिसमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, RJD के 4 और CPI(ML) लिबरेशन के 2 विधायक हैं. 

जबकि, एनडीए के पास 24 विधायक हैं. इनमें बीजेपी के 21, एलजेपी (आर), AJSU और जेडीयू के 1-1 विधायक हैं. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है.

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